चुनावी असरः एसडीएमसी ने संपत्ति कर बढ़ाने के प्रस्ताव को किया निरस्त

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चुनावी असरः एसडीएमसी ने संपत्ति कर बढ़ाने के प्रस्ताव को किया निरस्त

-निगम आयुक्त ने दिया था संपत्ति कर बढ़ाने का सुझाव, स्थायी समिति के अध्यक्ष ने बैठक में किया निरस्त

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/महरौली/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में चुनावी आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। एसडीएमसी ने अगले साल होने वाले चुनावों को देखते हुए निगम आयुक्त ज्ञानेश भारती के वर्ष 2020-21 के बजट में संपत्ति कर को बढ़ाने को स्थायी समिति ने निरस्त कर दिया है। हालांकि नेता इसे कोरोना से जुड़ा मामला बता रहे हैं लेकिन सुत्रों की माने तो चुनावों को देखते हुए इस प्रस्ताव का पास होना मुश्किल लग रहा था। वही स्थायी समिति के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल (रि.) बीके ओबराय ने इसे बैठक में निरस्त कर दिया है।
                उल्लेखनीय है कि निगम संपत्तिकर बढ़ा देता है, जिसे विरोध के बाद वापस लेना पड़ता है। स्थायी सदस्य समिति के अध्यक्ष कर्नल वीके ओबराय ने बताया कि आयुक्त की ओर से बढ़े संपत्तिकर के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया है। गौरतलब है कि प्रस्ताव में निगम की आय बढ़ाने के लिए आवासीय संपत्तियों की तीन श्रेणियों (ए, बी व सी, डी, ई और एफ, जी, एच) को कम से कम दो श्रेणी में बांटकर संपत्तिकर की दरों में अधिकतम पांच फीसद की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया था।
              प्रस्ताव के अनुसार ए से ई श्रेणी तक की आवासीय संपत्तियों से 14 फीसद कर वसूला जाना प्रस्तावित था। इसी प्रकार से गैर आवासीय संपत्तियों की तीन श्रेणी को दो श्रेणी में बदलकर ए से डी श्रेणी की संपत्तियों से 15 फीसद कर वसूलने की तैयारी थी। निगमायुक्त ने इन श्रेणियों से वसूले जाने वाले 10 फीसद कर को बढ़ाकर 12 फीसद कर दिया था। इसके साथ ही गेस्ट हाउस, कंपनी, रेस्तरां, सराय व लाज आदि से वसूले जाने वाले 15 फीसद कर को भी 20 फीसद करने का प्रस्ताव दिया था।

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