गाजियाबाद में आवारा कुत्तों का कहर, 4 साल के मासूम पर जानलेवा हमला

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January 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-सिर में 36 टांके, हालत नाजुक -नगर निगम की लापरवाही पर उठे सवाल

गाजियाबाद/उमा सक्सेना/-     गाजियाबाद के कनावनी क्षेत्र से एक बार फिर आवारा कुत्तों के आतंक की बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है। इलाके में घूम रहे कुत्तों के झुंड ने घर के बाहर खेल रहे महज चार साल के मासूम बच्चे पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके सिर में 36 टांके लगाए गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे कड़ी निगरानी में रखा गया है।

खेलते समय मासूम पर टूटा कहर
परिजनों के अनुसार, बच्चा रोज की तरह अपने घर के बाहर खेल रहा था, तभी अचानक कई आवारा कुत्तों ने उसे चारों ओर से घेर लिया और हमला कर दिया। मासूम की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और बड़ी मुश्किल से कुत्तों को भगाया। हमले के बाद बच्चा लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ा मिला, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घायल बच्चे का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर बताया जा रहा है। इलाज में हो रहे भारी खर्च को लेकर परिवार गहरे तनाव में है। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर मदद न मिलती तो हालात और भी भयावह हो सकते थे। इस घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

नगर निगम पर गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों ने गाजियाबाद नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नगर निगम केवल फाइलों और दावों तक सीमित रह गया है। स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी और पकड़ने के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आए दिन बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों पर हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं।

कार्रवाई की उठी मांग
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। लोगों ने मांग की है कि नगर निगम तत्काल प्रभाव से ठोस और सख्त कदम उठाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। नागरिकों का कहना है कि अगर अब भी प्रशासन नहीं जागा, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। अब सभी की निगाहें नगर निगम की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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