नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- दिल्ली कोर्ट ने मकोका मामले में आप विधायक नरेश बाल्यान की जमानत याचिका खारिज कर दी। नरेश बाल्यान को चार दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उन्हें जबरन वसूली के मामले में जमानत दे दी थी। इसके बाद आठ जनवरी को पुलिस ने इस जमानत का विरोध किया था। दिल्ली पुलिस ने कहा कि बाल्यान संगठित अपराध करने वाले गिरोह के एक सहयोगी थे। इसके बाद पुलिस ने अदालत से अर्जी लगाई थी कि बाल्यान की जमानत मकोका केस

रद्द की जाए।
पुलिस की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक अखंड प्रताप सिंह ने दलील दी कि अगर जमानत दी गई तो बाल्यान गवाहों को प्रभावित कर सकता है, सबूत नष्ट कर सकता है और जांच में बाधा डाल सकता है। उन्होंने दलील दी कि गवाहों ने कबूल किया है कि आरोपी बाल्यान कपिल सांगवान के संगठित अपराध सिंडिकेट में सहयोगी है। उसने अपराध करने के बाद सिंडिकेट के एक सदस्य को गिरफ्तारी से बचने के लिए खर्च के लिए पैसे मुहैया कराए हैं। उन्होंने दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में सिंडिकेट सदस्यों के खिलाफ दर्ज 16 प्राथमिकी का हवाला दिया और दावा किया कि इसने भारी मात्रा में अवैध संपत्ति अर्जित की है। इससे पहले न्यायाधीश ने आरोपी और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद आवेदन पर आदेश सुरक्षित रख लिया था।


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