केविके का सरसों  की फसल पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 5, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

केविके का सरसों  की फसल पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन

-केविके उजवा ने दिल्ली के कई गांवों में किया सरसों की फसल का प्रक्षेत्र प्रदर्शन

नजफगढ़/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- कृषि विज्ञानं केंद्र, उजवा नई दिल्ली ने बुधवार को कंझावला ब्लाक के जौंती गांव में सरसों की फसल पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के अवसर पर केंद्र के अध्यक्ष डॉ. डी.के. राणा ने उपस्थित किसानों का स्वागत करते हुए बताया दिल्ली क्षेत्र में सरसों की फसल मुख्य फसल है लेकिन वैज्ञानिक उत्पादन तकनीकी की कमी के कारण उत्पादकता काफी कम है। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि विज्ञानं केंद्र, दिल्ली के द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत दिल्ली देहात के विभिन्न गाँवो जैसे जौंती, ढांसा, जाफरपुर, उजवा, काजीपुर, ईसापुर एवं समसपुर आदि में किसानां के 125 प्रक्षेत्रों (50 हैक्टर) पर सरसां की उन्नत किस्म आर.एच.-725 के प्रदर्शन में लगाये गए। जिसमें किसानों को आर.एच.-725 किस्म का बीज, सल्फर, ट्राइकोडर्मा एवं कवकनाशियों का वितरण किया गया।

इसी क्रम में डॉ समरपाल सिंह, विशेषज्ञ (सस्य विज्ञान) ने बताया कि सरसों की आर.एच.-725 किस्म चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय, हिसार, हरियाणा के द्वारा विकसित की गई है। जिसकी उत्पादकता 25 क्विंटल प्रति हैक्टर एवं तेल की मात्रा 40-42 प्रतिशत है। इस दौरान डा. सिंह ने किसानों को सरसों के प्रदर्शनों का भ्रमण करवाकर किस्म आर.एच.-725 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही किसानों ने पाया कि प्रदर्शन क्षेत्र में लगी आर.एच.-725 किस्म में फली एवं दानो कि संख्या एवं आकार अन्य लोकल प्रजाति की तुलना में अधिकतम है। डॉ. सिंह ने किसानों से आग्रह किया कि इस प्रदर्शित उन्नत किस्म के बीज का प्रयोग आगामी सरसों की फसल की बुवाई में भी करें एवं अपने साथी किसानों को भी वितरण करें। इसी क्रम में श्री कैलाश (कृषि प्रसार विशेषज्ञ) ने कृषि विज्ञान केन्द्र, दिल्ली के द्वारा आयोजित होने वाले विभिन्न प्रशिक्षण जैसेः जैविक खेती, बकरी पालन, मशरुम उत्पादन, वर्मी कम्पोस्ट, आधुनिक डेयरी फार्म, मधुमक्खी पालन आदि के बारे में बताया।
         कार्यक्रम के क्रम में प्रगतिशील किसान श्री कुलदीप, श्री जय भगवान एवं श्री विनोद एवं अन्य साथी किसानों ने प्रदर्शित फसल के बारे में अपने अनुभव साझा करते काफी खुशी व्यक्त की।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox