केंद्र सरकार की निजीकरण नीति पर वरूण गांधी ने उठाए सवाल

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April 7, 2026

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केंद्र सरकार की निजीकरण नीति पर वरूण गांधी ने उठाए सवाल

-कहा-निजीकरण से खत्म हो जाएगी लाखों परिवारों की नौकरी
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- पिछले काफी समय से भाजपा सांसद वरुण गांधी अपनी सरकार के कामों को लेकर सवाल उठाते आ रहे हैं। मंगलवार उन्होंने बैंकों और रेलव के निजीकरण को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से बहुत सारे लोगों के रोजगार चले जाएंगे और लोग भुखमरी के शिकार हो जाऐंगे।
              वरुण गांधी ने ट्वीट किया, ’केवल बैंक और रेलवे का निजीकरण ही 5 लाख कर्मचारियों को ‘जबरन सेवानिवृत्त’ यानि बेरोजगार कर देगा। समाप्त होती हर नौकरी के साथ ही समाप्त हो जाती है लाखों परिवारों की उम्मीदें। सामाजिक स्तर पर आर्थिक असमानता पैदा कर एक ‘लोक कल्याणकारी सरकार’ पूंजीवाद को बढ़ावा कभी नहीं दे सकती।’
              बता दें कि इससे पहले राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेता यही  बात कहकर भाजपा सरकार को घेरते रहे हैं। भारत का रेल नेटवर्क दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है। इसमें 13 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। बीते साल जब ज्यादा सवाल उठे तो रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि, रेलवे का निजीकरण कभी नहीं होगा।
              सरकार की तरफ से दो सरकारी बैंकों के निजीकरण को लेकर भी विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन किए थे। कांग्रेस का कहना था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था। लेकिन यह सरकार एक-एक करके मर्जर कर रही है। इससे गरीबों को बैंकों का लाभ नहीं मिलेगा। यह काम इसलिए किया जा रहा है ताकि केवल कुछ लोगों को ही बैंकों का फायदा मिले।

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