कृषि विज्ञान केन्द्र उजवा में इंटरफेस कार्यकम की शुरुआत

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January 19, 2026

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कृषि विज्ञान केन्द्र उजवा में इंटरफेस कार्यकम की शुरुआत

-केंद्र में अटल टिंकरिंग लैब्स से जुड़े दिल्ली के 5 स्कूलों में किया गया एक एक्सपोजर विजिट का आयोजन

नजफगढ़/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/ – नीति आयोग का अटल नवाचार मिशन (एआईएम) और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने देश भर के स्कूली छात्र-छात्राओं के बीच कृषि क्षेत्र से संबंधित नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली के द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) और कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (आत्मा) के साथ अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) को जोड़ने की शुरुआत की थी,

जिससे विधार्थियो को शिक्षा एवं कृषि वैज्ञानिकों के सहयोग कृषि नवाचार विकसित करने का प्लेटफार्म उपलब्ध करवाया जाए। इस पहल में 11 कृषि विज्ञान केन्द्रों को 55 अटल टिकरिंग प्रयोगशालाओं से जोड़ा गया, जिसमें से एक कृषि विज्ञान केन्द्र, दिल्ली भी है, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विधालयों को एक कृषि के संबधित नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध करवायेगा।इसी संदर्भ में, 27 दिसम्बर, 2023 को दिल्ली के अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) से जुड़ी हुई 5 स्कूलें महाराजा अग्रसेन मॉडल स्कूल, पीतमपुरा, डी.ए.वी पब्लिक स्कूल, वसंत कुंज, ज्ञान मंदिर पब्लिक स्कूल, नारायणा विहार, बाल भारती पब्लिक स्कूल, द्वारका और रामजस इंटरनेशनल स्कूल, आर के पुरम के छात्रों के लिए कृषि विज्ञान केंद्र, उजवा, दिल्ली में एक एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को केन्द्र में की जा रही कृषि के सबंधित गतिविधियों के बारे में जागरुक करना। क्योकिं कृषि विज्ञान केंद्र, जो “एकल खिड़की कृषि ज्ञान संसाधन और क्षमता विकास केंद्र“ के रूप में कार्य करता है एवं कृषि से संबंधित नवाचार का समर्थन करने के लिए इन ए. एक्टिवेट टी.एल से जुड़े स्कूलों के छात्रों के साथ सहयोग करेगा। कार्यक्रम के शुरुआत में केवीके, दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. डी के राणा ने कार्यक्रम की शुरुआत की और किसानों और अन्य हितधारकों के बीच आधुनिक कृषि पद्धतियों पर ज्ञान और जानकारी का प्रसार करने में केवीके की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। साथ में ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवीके नई और बेहतर प्रौद्योगिकियों, फसल किस्मों और पशुधन नस्लों को बढ़ावा देकर टिकाऊ कृषि को बढ़ावा दे रहे हैं और भूमि उत्पादकता बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कृषि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए “एकीकृत शिक्षण दृष्टिकोण’ अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
          इस अवसर पर डॉ. ऋतु सिंह, विशेषज्ञ (गृह विज्ञान) ने केवीके के द्वारा किसान कल्याण विभिन्न गतिविधियों के बारे में जागरुक किया। उन्होंने कृषि की विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए केन्द्र के सहयोग से क्षमता स्थापित करने के बारे में बात की।

कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने केन्द्र के विभिन्न प्रयोगात्मक एवं प्रदर्शन इकाईयों जैसे प्रौधोगिकी पार्क, हाइड्रोपोनिक्स प्रणाली, शेड नेट में नर्सरी तैयार करना, सूक्ष्म सिंचाई नर्सरी, सौर फार्म प्रदर्शन इकाई, गृह वाटिका, छत पर बागवानी मॉडल, पॉली हाउस, वर्मीकम्पोस्ट इकाई, मशरूम उत्पादन इकाई, प्राकृतिक खेती, कस्टम हायरिंग सेंटर, बकरी पालन, स्वचालित मौसम वेधशाला एवं कृषि ड्रोन का भ्रमण करवाते हुए विस्तृत जानकारी दी एवं साथ में विधार्थियों के परियोजना के संबंधित प्रश्नोत्तरी एवं विभिन्न कृषि मुद्दों पर भी चर्चा की गई ताकि युवाओं के माध्यम से कृषि में नए नवाचारों को बढ़ावा देकर टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने और किसानों के जीवन में सुधार ला सकें इसी उम्मीद के साथ भविष्य के सहयोग की योजना बनाकर कार्यक्रम का समापन किया गया।

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