किसी ने बेच दी जमीन तो किसी ने लिया कर्ज, अमेरिका जाने के चक्कर में हो कई घर गए बर्बाद

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October 16, 2026

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किसी ने बेच दी जमीन तो किसी ने लिया कर्ज, अमेरिका जाने के चक्कर में हो कई घर गए बर्बाद

मानसी शर्मा/- अमेरिका जाकर नौकरी करने का सपना हर कोई देखता है लेकिन, यह हर किसी के लिए संभव नही है। कई बार लोगों को आर्थिक तंगी तो कभी वीजा की वजह से अमेरिका जाने का सपना टूट जाता है। हालांकि, कई बार लोग जमीन बेचकर तो कई बार कर्ज लेकर अमेरिका जाते हैं। लेकिन, इस बार डंकी रूट के कई भारतीयों ने अमेरिका को अपना ठिकाना बनाया था लेकिन, अब उन्हें बैरंग भारत वापस लौटना पड़ा है।

अमेरिकी सेना का सी-17 ग्लोबमास्टर विमान बुधवार यानी 5 फरवरी की दोपहर 104 निर्वासित भारतीयों को पंजाब के अमृतसर में उतरा। जिसके बाद उनलोगों का अमेरिका में रहने का सपना टूट गया। ये सभी लोगों ने अमेरिका में रहने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था। अमेरिका से डिपोर्ट किए गए लोग में पंजाब, हरियाण और गुजरात के लोग ज्यादा हैं। अमेरिका जाने के लिए दिए करोड़ों रुपए एक गुजराती परिवार ने कहा कि उसने अमेरिका पहुंचने के लिए 1 करोड़ रुपए का भुगतान किया था। वहीं, इस संबंध में एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अमृतसर के एक सीमावर्ती गांव के एक युवक के चाचा ने कहा कि परिवार ने अपने भतीजे को विदेश भेजने के लिएअपनी डेढ़ एकड़ जमीन बेच दी और 42 लाख रुपए से अधिक खर्च किए। उन्होंने कहा कि मेरा भतीजा कुछ दिन पहले ही मैक्सिको के रास्ते अमेरिका पहुंचा था।

कुछ परिवार ने कहा कि वह ब्रिटेन के जरिए अमेरिका गए थे। सभी को भेजा गया अमेरिका से डिपोर्ट किए गए अधिकतर भारतीय पंजाब, हरियाणा और गुजरात के रहने वाले थे। इन सभी लोगों को हवाई अड्डे पर निकासी प्रक्रिया में शामिल सूत्रों ने कहा कि पंजाब और हरियाणा से निर्वासित लोगों को सड़क मार्ग के जरिए घर भेजा गया है। गुजरात और अन्य राज्यों के लोगों ने बुधवार यानी 5 फरवरी की देर रात उड़ान भरी थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ता इस बात पर गौर करेंगे कि निर्वासित लोगों को अमेरिका पहुंचने में किसने मदद की और उन्होंने इन अवैध आव्रजन एजेंटों को कितने पैसे दिए।

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