कांग्रेस में अब शुरू हुआ राहुल-प्रियंका युग, नये फैसलों में दिख रही छाप

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कांग्रेस में अब शुरू हुआ राहुल-प्रियंका युग, नये फैसलों में दिख रही छाप

-पंजाब में दलित चेहरे को सीएम बनाकर राहुल-प्रियंका ने दिया परिपक्वता का परिचय

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- राजस्थान, छत्तीसगढ़ व पंजाब में कांग्रेस में उठे विवादों को निपटाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के चलते अब कांग्रेस में राहुल-प्रियंका युग की शुरूआत हो चुकी है। विशेष रूप से पंजाब मे ंमुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की नियुक्ति व मंत्रीमंडल गठन को लेकर लिये गये निर्णयों में राहुल गांधी व प्रियंका गांधी की छाप साफ दिखाई दे रही है। जिससे यही लगता है कि अब दोनों नेता पार्टी के अहम निर्णयों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर अपनी परिपक्वता का संदेष दे दिया है।
                    दी ट्रिब्यून की रिपोर्ट मुताबिक पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ ’विद्रोह’ की पटकथा लिखने से लेकर नवजोत सिंह सिद्धू को उनके समान्तर खड़ा करने, चन्नी को सीएम बनाने और उनके मंत्रीपरिषद का गठन राहुल और प्रियंका की निगरानी में किया जा रह है। वे चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बहुमूल्य इनपुट के साथ हरीश चौधरी जैसे अपने भरोसेमंद लोगों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह के बिना विधानसभा में जीत के लिए तैयारी कर रहे हैं। जाट चेहरे के बदले चन्नी को सीएम बनाने के पीछे गांधी परिवार द्वारा लंबी योजना के संकेत दिए गए हैं।
                    कांग्रेस के एक नेता ने ट्रिब्यून से बताया है कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व कभी नहीं चाहता है कि सीएम या पार्टी का प्रदेश प्रमुख एक ऑटोनोमस पॉवर वाला हो। उदाहरण के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे लंबे कद वाले नेता। दिल्ली में केसी वेणुगोपाल, हरीश चौधरी, हरीश रावत और अंबिका सोनी जैसे नेता कैबिनेट मंत्रियों को लेकर हर प्रोफाइल की जानकारी दे रहे हैं। कांग्रेस अनुभवी और युवा चेहरों को मिलाकर कैबिनेट का गठन करना चाह रही है। अगर कांग्रेस 2022 विधानसभा चुनाव जीतती है तो मंत्रिमंडल में चुने गए कई नेता सीएम पद के दावेदार हो सकते हैं।
                    जिस तरह से अभी पंजाब को दिल्ली से चलाया जा रहा है, अमरिंदर सिंह ने उसका मजाक उड़ाया है। उन्होंने कहा है कि सीएम रहते हुए उन्होंने उन मंत्रियों को चुना था जिनकी क्षमता उन्हें पता थी। अब वेणुगोपाल या अजय माकन या रणदीप सुरजेवाला जैसे नेता कैसे तय कर सकते हैं कि कौन सा मंत्रालय किस नेता के लिए बेहतर है।
                  रिपोर्ट्स बताती हैं कि अमरिंदर की तरह ही कांग्रेस सिद्धू को पॉवर नहीं देने जा रही है। इसे गांधी परिवार द्वारा सिद्धू पर नियंत्रण लगाने की तरह से देखा जा रहा है। चन्नी को सीएम बनाकर कांग्रेस ने सिद्धू को भी समझा दिया है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राहुल और प्रियंका ने चन्नी को सीएम बनाकर बता दिया है कि कांग्रेस चुनौतियों के लिए तैयार है।

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