एसजीटी यूनिवर्सिटी में सीएसआईएफ का उद्घाटन, अनुसंधान और कौशल विकास पर जोर

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January 19, 2026

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-सीएम के ओएसडी प्रो. (डॉ.) राज नेहरू ने साझा किए नवाचार -स्किल डेवलपमेंट पर विचार

गुरुग्राम/उमा सक्सेना/-       एसजीटी यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम ने अकादमिक और अनुसंधान उत्कृष्टता की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी (सीएसआईएफ) का भव्य उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र बहुविषयक सहयोग, नवाचार और अनुसंधान संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी और श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति प्रो. (डॉ.) राज नेहरू ने उच्च शिक्षा में अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास के एकीकरण की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा में रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट का सम्मिलन ही छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर सकता है।

कुलपति प्रो. (डॉ.) हेमंत वर्मा ने साझा की विश्वविद्यालय की दूरदृष्टि
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद एसजीटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) हेमंत वर्मा ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय की उस दूरदृष्टि पर प्रकाश डाला, जिसके अंतर्गत वैज्ञानिक जिज्ञासा और नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देने वाला एक सशक्त इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।

कुलपति ने कहा, “सीएसआईएफ केवल एक सुविधा नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मंच है जो शोधकर्ताओं, फैकल्टी और विद्यार्थियों को ज्ञान की सीमाओं को आगे बढ़ाने और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए सक्षम बनाएगा।”

सीएसआईएफ की स्थापना से बढ़ेगा अनुसंधान का दायरा
प्रो. (डॉ.) शालिनी कपूर, निदेशक—आरएंडडी सेल, ने सीएसआईएफ की स्थापना के पीछे की रणनीतिक सोच साझा की और बताया कि यह सुविधा विभिन्न विषयों में उन्नत अनुसंधान को सक्षम बनाएगी। वहीं, डॉ. स्नेह लता, इंचार्ज—सीएसआईएफ लैब, ने उपस्थित अतिथियों को आधुनिक उपकरणों और अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में जानकारी दी, जो शोधकर्ताओं को नई तकनीकों के प्रयोग में सक्षम बनाएगा।

मुख्य आकर्षण रही मास्टर क्लास
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा प्रो. (डॉ.) राज नेहरू द्वारा ली गई मास्टर क्लास, जिसमें उन्होंने कहा कि “आज के एआई और टेक्नोलॉजी के युग में अनुसंधान, नवाचार और स्किल डेवलपमेंट के बिना प्रतिस्पर्धा में बने रहना कठिन है। शिक्षा प्रणाली को अब ऐसे मॉडल की आवश्यकता है जो विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक और नवाचारपरक सोच के लिए प्रेरित करे।”

ब्रॉशर और वेबसाइट का भी हुआ शुभारंभ
इस अवसर पर सीएसआईएफ के ब्रॉशर और वेबसाइट का भी औपचारिक शुभारंभ किया गया। इसके बाद अतिथियों ने सीएसआईएफ लैब, मेडिकल कोबोटिक्स सेंटर और नेशनल रेफरेंस सिमुलेशन सेंटर (एनआरएससी)—जो एशिया के शुरुआती रेफरल सेंटर्स में से एक है—का भ्रमण किया। इन केंद्रों ने एसजीटी यूनिवर्सिटी के बहुविषयक अनुसंधान, अनुभवात्मक शिक्षण और तकनीकी-संचालित शिक्षा के प्रति समर्पण को और भी स्पष्ट किया।

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