उद्धव शिवसेना का दावा- राजीव गांधी भी राम मंदिर का निर्माण चाहते थे

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 16, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

उद्धव शिवसेना का दावा- राजीव गांधी भी राम मंदिर का निर्माण चाहते थे

-’कांग्रेस की आत्मा हिंदू’, हिन्दूओं पर सिर्फ भाजपा का हक नही -निमंत्रण मिला है तो कांग्रेस नेताओं को राममंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में होना चाहिए शामिल

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के आयोजन को लेकर देश में राजनीतिक पार्टियों में खुद को हिंदू बताने की होड़ सी लगी हुई है। ऐसे में जब पूरा देश राममय हो रहा है तो कांग्रेस अपने धर्मनिरपेक्ष स्टैंड के चलते कहीं ना कहीं असमंजस में दिख रही है। ऐसे हालात में शिवसेना (यूबीटी) अपनी सहयोगी पार्टी कांग्रेस के बचाव में उतर आई है। शिवसेना (यूबीटी) कहना है कि कांग्रेस पार्टी की आत्मा हिंदू है और पार्टी के नेताओं को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जाना चाहिए।

मुखपत्र ’सामना’ में लिखा लेख
शिवेसना (उद्धव बाल ठाकरे गुट) ने बुधवार को अपने मुखपत्र ’सामना’ में लिखे एक लेख में लिखा कि ’अगर कांग्रेस पार्टी को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण मिला है तो इसके नेताओं को कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए। इसमें गलत क्या है? कांग्रेस की आत्मा हिंदू है और इसमें छिपाने जैसी कोई बात नहीं है।’ सामना में शिवसेना (यूबीटी) ने लिखा कि ’यह कहना गलत है कि हिंदुत्व पर भाजपा का हक है, जबकि भाजपा ऐसा ही दावा करती है। कांग्रेस ने भी हिंदू संस्कृति के विकास में योगदान दिया है।’

शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया कि ’कांग्रेस ने कभी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध नहीं किया। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी मानते थे कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए। राजीव गांधी के निर्देशों पर ही दूरदर्शन पर प्रसिद्ध रामायण धारावाहिक का प्रसारण किया गया था। शिवसेना ने भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखा कि जब बाबरी विध्वंस हुआ था, अगर उस समय कोई भाजपा का प्रधानमंत्री होता तो बाबरी विध्वंस होता ही नहीं।’ साल 1992 में जब बाबरी विध्वंस हुआ था, उस वक्त देश के प्रधानमंत्री कांग्रेस के पीवी नरसिम्हा राव थे।

कांग्रेस नेताओं के राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ
दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस के संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। हालांकि अभी तक पार्टी इस पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं ले सकी है। पार्टी का कहना है कि वह राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने का जल्द ही फैसला करेंगे और समय आने पर इसके बारे में जानकारी दे दी जाएगी।
            महाराष्ट्र में शिवसेना और कांग्रेस का गठबंधन है और दोनों पार्टियां एनसीपी (शरद पवार गुट) के साथ महाविकास अघाड़ी सरकार भी चला चुकी हैं। अब अगले विधानसभा चुनाव को भी तीनों पार्टियां साथ मिलकर लड़ने की तैयारी कर रही हैं। ऐसे में यही वजह हो सकती है कि राम मंदिर के मुद्दे पर फंसी कांग्रेस को शिवसेना (यूबीटी) का साथ मिला है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox