उत्तर पश्चिम दिल्ली के मुबारकपुर डबास में हालात बदतर, शर्मा एन्क्लेव बना जलभराव और गंदगी का केंद्र

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January 21, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-कीचड़, सीवर और कूड़े के बीच जीने को मजबूर लोग

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-     पूरी दिल्ली में अगर कहीं हालात सबसे ज्यादा भयावह कहे जा सकते हैं, तो वह उत्तर पश्चिम दिल्ली के किराड़ी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मुबारकपुर डबास स्थित शर्मा एन्क्लेव है। कड़ाके की सर्दी के बीच कॉलोनी की गलियां गंदे पानी से लबालब भरी हुई हैं। इस जमा पानी में कूड़ा-कचरा, मल-मूत्र और सीवर की गंदगी घुली हुई है, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध और बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे पिछले छह से आठ महीनों से इसी नारकीय स्थिति में जीवन गुजारने को मजबूर हैं।

निकासी व्यवस्था ठप, लैंडफिल बना बड़ी वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार, कॉलोनी में जल निकासी की समस्या पहले भी थी, लेकिन किसी तरह पानी बाहर निकल जाया करता था। कॉलोनी से सटे खेतों में पानी चला जाता था, जिससे हालात काबू में रहते थे। लेकिन बीते कुछ महीनों से डीडीए द्वारा भलस्वा लैंडफिल की ओर से उड़ाकर मलबा और मिट्टी डाले जाने के बाद पानी के प्राकृतिक रास्ते पूरी तरह बंद हो गए। नतीजतन, अब पूरा इलाका पानी में डूबा हुआ है और निकासी की कोई व्यवस्था नहीं बची है।

नेताओं और अधिकारियों से लगाई गुहार, नहीं मिली राहत
कॉलोनीवासियों का आरोप है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर सरकार से लेकर सांसद, विधायक और पार्षद तक सभी को अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि केवल आश्वासन मिले, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। प्रशासनिक उदासीनता के चलते लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, लोग घर छोड़ने को मजबूर
जलभराव और गंदगी का सबसे बड़ा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। कॉलोनी के कई बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं क्योंकि पानी और कीचड़ से भरी गलियों से निकलना मुश्किल हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को गम-बूट खरीदकर रोजमर्रा के काम निपटाने पड़ रहे हैं। कई परिवार मजबूरी में कॉलोनी छोड़कर दूसरी जगह रहने चले गए हैं, जबकि जो बचे हैं वे बीमारी और हादसों के डर में जी रहे हैं।

स्वच्छ दिल्ली के दावों पर सवाल
शर्मा एन्क्लेव की तस्वीरें राजधानी में स्वच्छता और विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं। स्थानीय लोग जल्द से जल्द जल निकासी की स्थायी व्यवस्था और लैंडफिल से जुड़े काम पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें इस नारकीय जीवन से राहत मिल सके।

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