ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर अब सुरक्षित व आरामदायक होगा सफर, बाधाऐं होंगी दूर

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April 7, 2026

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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर अब सुरक्षित व आरामदायक होगा सफर, बाधाऐं होंगी दूर

-एनएचएआई एक्सप्रेसवे पर उछाल व फिसलन की समस्या से निपटने के लिए खर्च करेगी 110 करोड़
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर काफी समय से उछलन व फिसलन की समस्या पर अब एनएचएआई ने संज्ञान ले लिया है। अब इन समस्याओं को दूर करने के लिए एक्सप्रेसवे अॅथारिटी ने अलग से 110 करोड़ का बजट पास किया है ताकि लोगों को सुरक्षित व आरामदायक सफर के लिए सड़क की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके। हरियाणा के कुंडली से शुरू होकर गाजियाबाद, नोएडा के रास्ते पलवल तक जाने वाले 132 किलोमीटर लंबे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर सफर करते समय गाड़ी के जंप लेने या फिर फिसलने की समस्या बनी हुई थी जो अब दूर की जाएगी।
                बता दें कि अभी इस एक्सप्रेसवे पर कई जगहों पर गाड़ी जंप करती है तो कुछ जगहों पर ब्रेक लगाने के बाद भी गाड़ी फिसलती है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने भी सर्वे के बाद माना है कि काफी जगहों पर समस्या है। निर्माण एजेंसियों से भी कुछ जगहों पर टेंडर की शर्तों के हिसाब से काम कराया गया है, लेकिन उसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। लेकिन, अब करीब 110 करोड़ रुपये अलग से खर्च किया जाएगा, जो सिर्फ सड़क सुरक्षा से जुड़े मानकों को पूरा करने पर खर्च होगा। यानी उसके बाद एक्सप्रेसवे पर सफर करते समय गाड़ी के जंप लेने या फिर फिसलने की समस्या नहीं होगी।
                 ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब बीते आठ महीने से एनएचएआई की टीम एक्सप्रेसवे की उन जगहों को चिन्हित कर एजेंसी को जानकारी दे रही है जहां पर सड़क की गुणवत्ता खराब है। अब अंतिम सर्वे के बाद एक्सप्रेसवे के उन स्थानों से जुड़ी सूची निर्माण एजेंसियों को दी गई जहां पर गुणवत्ता खराब थी। सबसे ज्यादा गुणवत्ता की शिकायत नोएडा से पलवल और दुहाई से दादरी के बीच थी।
नियम के तहत समय अवधि पूरी होने से पहले अंतिम सर्वे में सभी स्पॉट को चिह्नित करके देना होता है। उसके बाद अगर कहीं पर सड़क खराब या गड्ढा होता है तो उसे एनएचएआई अपने स्तर पर पूरा कराएगी।
               मुख्यालय से मौखिक सहमति मिलने के बाद एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि मार्च अंत तक हमें वित्तीय स्वीकृति मिल जाएगी। उसके बाद मई तक पूरे एक्सप्रेसवे को यातायात के लिहाज से तैयार किया जाएगा। सड़क के उन हिस्सों में गाड़ी के जंप लेने की समस्या को दूर किया जाएगा जहां गाड़ी 80 के स्पीड से ऊपर जाते ही उछलने लगती है। जहां पर सड़क उखड़ी पड़ी हैं, उसे भी दोबारा से बनाया जाएगा। खराब स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त किया जाएगा।

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