इस साल झमाझम बारिश होने के आसार, मौसम पूर्वानुमान में दावा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 5, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

इस साल झमाझम बारिश होने के आसार, मौसम पूर्वानुमान में दावा

-चार महीने सामान्य रहेगा मानसून; मध्य-पश्चिमी भाग में सामान्य से अधिक बारिश की उम्मीद

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- इस बार मानसून सीजन में पूरे देश में झमाझम बारिश के आसार नजर आ रहे है। हालांकि मार्च-अप्रैल में ही देश के कई हिस्सों में सूरज की तपिश महसूस की जा रही है। लेकिन मौसम का पूर्वानुमान बताने वाली निजी क्षेत्र की कंपनी स्काईमेट ने मंगलवार को बताया कि इस साल जून से सितंबर तक चार महीने के मानसून सीजन में दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का 102 फीसदी यानी 868.6 मिमी बारिश होगी, जो सामान्य की श्रेणी में है।
          स्काईमेट के मुताबिक, इन चार महीनों के दौरान देश के मध्य और पश्चिमी भाग में सामान्य से अधिक वर्षा होने का अनुमान है। उत्तरी और दक्षिणी हिस्से में सामान्य  बारिश होगी। ‘मानसून पूर्वानुमान 2024’ रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के दक्षिण, पश्चिम और उत्तर पश्चिम क्षेत्रों में अनुकूल वर्षा दर्ज की जाएगी। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे मुख्य मानसून वर्षा आधारित क्षेत्रों में भी पर्याप्त बारिश होने की उम्मीद है।

पूर्वी राज्यों में कम बारिश की आशंका
स्काईमेट के मुताबिक, मानसून के चरम महीने में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी भारत के राज्यों में कम बारिश होने की आशंका है। पूर्वोत्तर भारत में सीजन की पहली छमाही में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। लेकिन केरल, कोंकण, कर्नाटक और गोवा में सामान्य से अधिक और मध्य हिस्से में सामान्य बारिश होने का अनुमान है।

मजबूत ला नीना से बेहतरी की उम्मीद
स्काईमेट के प्रबंध निदेशक जतिन सिंह ने बताया कि सुपर अल नीनो से मजबूत ला नीना तक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक बदलाव से मानसून की स्थिति बेहतर हुई है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अल नीनो जाते-जाते मानसून सीजन के प्रारंभिक चरण को प्रभावित कर सकता है।
         सितंबर में होगी सबसे अधिक बारिश
स्काईमेट की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में सबसे अधिक बारिश होने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मासिक पैमाने पर जून में एलपीए का 95 प्रतिशत, जुलाई में 105 प्रतिशत, अगस्त में 98 प्रतिशत और सितंबर में 110 प्रतिशत बरसात होने का अनुमान है। बदलती जलवायु परिस्थितियों से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद रिपोर्ट में सामान्य मानसून की भविष्यवाणी की गई है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox