इस्लामाबाद/शिव कुमार यादव/- आर्थिक संकट और आईएमएफ की कड़ी शर्तों से जूझ रहे पाकिस्तान ने सभी सरकारी कंपनियों को बेचने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद में प्राइवेटाइजेशन कमिशन की मीटिंग में मंगलवार को इसकी घोषणा की है। शरीफ ने कहा कि सभी सरकारी कंपनियों का प्राइवेटाइजेशन किया जाएगा। सिर्फ रक्षा से जुड़ी कंपनियों को छोड़कर।

पीएम शहबाज शरीफ ने कहा- सरकार का काम बिजनेस करना नहीं है। पाकिस्तान ने आईएमएफ की टीम के दौरे के बाद सरकारी कंपनियों को बेचने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद में प्राइवेटाइजेशन कमिशन की मीटिंग में मंगलवार को इसकी घोषणा की है। उन्होंने कहा,“बिजनेस करना सरकार का काम नहीं है, सरकार का काम बिजनेस और देश में निवेश के लिए अच्छा माहौल देना है।

शरीफ ने कहा कि सभी सरकारी कंपनियों को बेचा जाएगा चाहे मुनाफा कमा पा रही हों या नहीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार सिर्फ उन कंपनियों को अपने पास रखेगी जो रणनीतिक रूप से अहम हैं। प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से अपील की है कि वो प्रक्रिया को आसान बनाने में प्राइवेटाइजेशन कमिशन का सहयोग करें। पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय की दिसंबर 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के पास 88 सरकारी कंपनियां हैं।
शहबाज शरीफ ने कंपनियों को बेचने की घोषणा 12 मई को आईएमएफ की टीम के पाकिस्तान के दौर के बाद की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि कंपनियों को बेचने की प्रोसेस को पारदर्शिता से पूरा किया जाएगा। सबसे पहले पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन कंपनी लिमिटेड को प्राइवेटाइज किया जाएगा। इसकी बोली लगेगी और उसे टीवी पर लाइव ब्रॉडकास्ट किया जाएगा।


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