अवध ओझा को चुनाव लड़ने से रोकने की हो रही साजिश- केजरीवाल

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 17, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

अवध ओझा को चुनाव लड़ने से रोकने की हो रही साजिश- केजरीवाल

-कहा- चुनाव लड़ने से रोकने के लिए आवेदन की तारीख में किया जा रहा फेरबदल

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- पटपड़गंज सीट से आम आदमी के उम्मीदवार अवध औझा के मतदाता बनने के आवेदन पर राजनीति हो रही है। इस पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि भाजपा के साथ-साथ चुनाव आयोग भी इस षडयंत्र में शामिल है। जबकि ऐसा नही होना चाहिए।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं भाजपा से सिर्फ यह जानना चाहता हूं कि दिल्ली के जाट समुदाय को केंद्र की ओबीसी सूची में कब जगह दी जाएगी। आज दोपहर तीन बजे मैं, आतिशी, भगवंत मान और राघव चड्ढा चुनाव आयोग जाएंगे। हमारे पास दो मुद्दे हैं- ग्रेटर नोएडा के मतदाता हमारे पटपड़गंज के उम्मीदवार अवध ओझा ने दिल्ली का मतदाता बनने के लिए आवेदन किया था। लेकिन अभी तक उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है। फॉर्म 8 भरने की अंतिम तिथि 7 जनवरी थी। दिल्ली के सीईओ ने एक आदेश जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा कि अंतिम तिथि 7 जनवरी है। रहस्यमय तरीके से एक और आदेश जारी किया गया जिसमें कहा गया कि अंतिम तिथि 6 जनवरी है। यह गैरकानूनी है और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है। ऐसा लगता है कि हमारे पीछे कुछ साजिश रची गई है। क्या यह आदेश अवध ओझा को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए जारी किया गया है? हम सीईसी से मिलेंगे और मांग करेंगे कि अवध ओझा का वोट दिल्ली में स्थानांतरित किया जाए ताकि वह अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकें।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वोटर लिस्ट का मुद्दा उठाया। अवध ओझा का वोट दिल्ली ट्रांसफर नहीं हुआ है। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के चुनाव आयोग ने दो बार आदेश जारी किया। जो वोटर अपने वोटर कार्ड में गलतियों को ठीक कराना चाहती हैं। ट्रांसफर वोटर की तारीख क्यों बदली गई। आज हम चुनाव आयोग से मिलने जाएंगे। दूसरा मुद्दा है कि भाजपा सांसदों के घरों से 20-30 नए वोटरों के नाम गए हैं। प्रवेश वर्मा जिस घर में 11 साल से रह रहे हैं। वहां अब इन लोगों को रसोईया, माली के वोट याद आ रहे हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox