नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/मुंबई/शिव कुमार यादव/- अपने बयानों को लेकर मुश्किल में चल रहे राहुल गांधी ने अब सावरकर पर बयान देकर न केवल खुद को बल्कि कांग्रेस गठबंधन को भी मुश्किल में डाल दिया है। जिसके चलते उद्धव ठाकरे ने अपनी नाराजगी जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा दी गई पार्टी में शामिल नही हुए। हालांकि शरद पवार मंगलवार को दिल्ली में विपक्षी पार्टियों की बैठक में शामिल हुए। लेकिन उन्होने भी सावरकर मुद्दे पर अपनी नाराजगी जताते हुए साफ कहा कि सावरकर महाराष्ट्र में सम्मानित और पूजनीय हैं, उनको निशाना बनाने से महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन मुश्किल में आ जाएगा। वहीं विनायक दामोदर राव सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने राहुल गांधी को सावरकर पर दिये बयान पर माफी मांगने की चेतावनी दी और कहा कि या तो राहुल गांधी माफी मांगे वरना फिर हम एफआईआर करेंगे।
रंजीत सावरकर ने मंगलवार को कहा कि राहुल गांधी विनायक दामोदर राव सावरकर पर दिए बयान पर माफी मांगें। उन्होने कहा कि अगर राहुल ऐसा नहीं करते हैं तो वे उनके खिलाफ एफआईआर करेंगे। इधर, उद्धव ठाकरे की नाराजगी के बाद विपक्षी दलों ने यह तय किया है कि वे सावरकर जैसे संवेदशील मुद्दों पर बयान नहीं देंगे। इस पर विपक्षी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस सावरकर के मुद्दे पर अपनी बयानबाजी नर्म करने को तैयार है।
बता दें कि राहुल गांधी ने अपनी संसद सदस्यता रद्द होने के बाद 25 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उनसे सवाल पूछा गया कि भाजपा आपसे बार-बार माफी की मांग कर रही है। राहुल गांधी ने जवाब दिया था कि वह गांधी हैं, सावरकर नहीं। वो माफी नहीं मांगेंगे।
रंजीत सावरकर ने मंगलवार को मीडिया से इस बयान पर बात की। उन्होंने कहा, ’उद्धव ठाकरे और संजय राउत के मन में सावरकर के लिए बहुत सम्मान है, लेकिन जब तक वो इस मुद्दे पर अपना समर्थन नहीं देते, इसका कोई मतलब नहीं रह जाता। उद्धव और राउत राहुल गांधी से बयान पर बात करें और उन्हें माफी मांगने को कहें।’
ऐसी टिप्पणियों को बचकाना बताते हुए सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने कहा, “राहुल गांधी कह रहे हैं कि वह माफी नहीं मांगेंगे, क्योंकि वह सावरकर नहीं हैं…मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वह सावरकर के माफी मांगने का कोई दस्तावेज़ी साक्ष्य दिखाएं…“
उन्होंने आगे संजय राउत, उद्धव ठाकरे और शरद पवार का जिक्र किया। कहा, ’संजय राउत और उद्धव ठाकरे के मन में सावरकर के प्रति सम्मान हो सकता है, लेकिन जब तक वे सावरकर के लिए अपना समर्थन नहीं दिखाते, इसका कोई मतलब नहीं है। अल्टीमेटम देने के बाद भी कांग्रेस नहीं रुकी और उन्होंने (उद्धव ठाकरे गुट ने) अभी तक कांग्रेस को अलग नहीं किया। इसी तरह शरद पवार जी के मन में भी सावरकर के लिए बहुत सम्मान है, लेकिन उन्हें आगे बढ़कर राहुल गांधी से सावरकर पर अब तक दिए गए अपने बयानों के लिए माफी मांगने के लिए कहना चाहिए।’
उद्धव ने चेतावनी दी थी- बयानबाजी बंद करो, वरना गठबंधन तोड़ लेंगे
राहुल के बयान का उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने विरोध किया है। उद्धव ने रविवार को मालेगांव के प्रोग्राम में कहा था, “राहुल ने सावरकर पर बयानबाजी बंद नहीं की तो महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी से गठबंधन तोड़ लेंगे। हम सावरकर का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर राहुल गांधी सावरकर की निंदा करना नहीं छोड़ते हैं तो गठबंधन में दरार आएगी।’
खड़गे की डिनर पार्टी में उद्धव नहीं गए
सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी दलों के नेताओं को डिनर पर बुलाया था। इस बैठक में भी उद्धव शामिल नहीं हुए। उद्धव की गैर-मौजूदगी की खूब चर्चा रही। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में 17 विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने यह तय किया कि वे सावरकर जैसे संवेदनशील विषयों पर बयानबाजी से दूर रहेंगे। इससे पहले सोमवार सुबह संसद सत्र से पहले हुई बैठक में भी वे नहीं आए थे। इसके बाद मंगलवार को हुई बैठक से भी उद्धव गुट दूर रहा।


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