विश्व में चीन के खिलाफ उठने लगी आवाज

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October 22, 2026

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विश्व में चीन के खिलाफ उठने लगी आवाज

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/विश्व/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- चीन से उत्पन्न हुए कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचाई हुई है। रोजाना विश्व में अप्रत्याशित रूप से मरीजो की संख्या बढ़ती जा रही है जिसका किसी भी देश को कोई बचाव का तरीका नही सूझ रहा है। ऐसे में चीन से शुरू हुए इस वायरस से सबसे अधिक नुकसान अमेरिका को होता दिखाई दे रहा है। जिससे अमेरिका और चीन के बीच काफी तल्खी पैदा हो गई है। जिसके परिणाम भी काफी भयंकर हो सकते हैं। अमेरिका पहले ही चीन को इस बारे में चेतावनी दे चुका है लेकिन अब ब्रिटेन ने भी चीन को खुलेआम धमकी देते हुए उस पर सवालो की झड़ी लगा दी है।
                                        ब्रिटिश विदेश सचिव डॉमिनिक रैब ने गुरुवार को कहा कि कोरोना वायरस को लेकर चीन को कुछ “कठिन सवालों” के जवाब देने होंगे। चीन को यह बताना होगा कि इस घातक कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत कैसे हुई। पत्रकारों से बात करते हुए गुरुवार को रैब ने कहा कि इस संकट की गहराई से समीक्षा करनी होगी। यह पता लगाना जरूरी है कि इस प्रकोप की शुरुआत चीन के शहर वुहान में कैसे हुई। विदेश सचिव ने कहा कि दुनिया को यह पता लगाना होगा कि महामारी के शुरुआती के दिनों में चीन में क्या-क्या हुआ था। साथ ही रैब ने महामारी के सभी पहलुओं की समीक्षा पर जोर दिया, जिसमें इसकी उत्पत्ति भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसकी समीक्षा विज्ञान पर आधारित “संतुलित तरीके” से होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि इस महामारी के बाद चीन से हमारे कारोबारी रिश्ते पहले जैसे नहीं रहेंगे।
                                        गौरतलब है कि दुनिया में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 1 लाख 42 हजार को पार कर गया है। इसके साथ ही कोरोना संक्रमितों की संख्या भी 21 लाख के पार पहुंच गई है। वहीं यूके में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है जबकि करीब 14 हजार लोगों की जानें जा चुकी हैं। ऐसे में यूके में चीन के खिलाफ आवाज उठना लाजमी है। देखा जाये तो धीर-धीरे सभी पीड़ित देश चीन के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर आवाज उठाने लगे हैं। ऐसे में अमेरिका व यूएनओ के लिए चीन के खिलाफ कार्यवाही करनी ही होगी जिससे भविष्य में कोई देश इस तरह की हिमाकत न कर सके जिससे मानव जाति ही संकट में पड़ जाये।

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