
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- देशभर में कोरोना संक्रमण के मामले एक तरफ जहां तेजी से बढ़ रहे है वहीं दूसरी तरफ इसके रिकवरी रेट में भी काफी बढ़ौतरी हुई है लेकिन फिर भी कोरोना काबू से बाहर ही होता जा रहा। हालांकि पहले यह माना जा रहा था कि कोरोना का वायरस गर्मी में स्वतः नष्ट हो जायेगा लेकिन अब एक नये शोध ने चिंता और भी बढ़ा दी है। नये शोध में वैज्ञानिको ंने कहा है कि बारिश व सर्दी में कोरोना के संक्रमण का खतरा अधिक हो जायेगा। ंहालांकि जुलाई में कोरोना के रोजाना 35 हजार से उपर मामले आ रहे है जिसकारण यह चिंता लाजमी है।
आईआईटी-भुवनेश्वर में पृथ्वी, महासागर और जलवायु विज्ञान के स्कूल के सहायक प्रोफेसर वी वीनोज के नेतृत्व में हुए अध्ययन के अनुसार, वर्षा, तापमान में कमी और वातावरण में ठंडक बढ़ने की वजह से कोविड-19 के प्रसार में और तेजी आ सकती है।
श्कोविड-19 का भारत में प्रसार और तापमान और सापेक्षिक आर्द्रता पर निर्भरताश् शीर्षक के साथ छपी रिपोर्ट में अप्रैल और जून के बीच 28 राज्यों में कोरोनो वायरस के प्रकोप और ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या पर नजर रखी गई है। वीनोज ने कहा कि अध्ययन में पता चला है कि तापमान में वृद्धि वायरस के संक्रमण में गिरावट का कारण बनती है। अध्ययन यह दर्शाता है कि महामारी के बढ़ते संक्रमण और प्रभाव पर तापमान और सापेक्ष आर्द्रता का असर अधिक पड़ता है।





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