बच्चों से सीख लेने के बाद कोरोना पर आई देश की पहली कॉमिक

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April 7, 2026

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बच्चों से सीख लेने के बाद कोरोना पर आई देश की पहली कॉमिक

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना महामारी का सबसे गंभीर असर बच्चों पर पड़ रहा है। स्कूल बंद होने और दिन भर कोरोना-कोरोना की चर्चाओं ने बच्चों के मानसिक स्तर पर भी काफी असर डाला है। ऐसे में सही जानकारी और संक्रमण से बचाव के तरीके सरल जानकारी के साथ बच्चों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। इसीलिए नई दिल्ली की वरिष्ठ पत्रकार अलका बरबेले ने देश की पहली कोरोना वायरस पर कॉमिक लिखी है। गो कोरोना गो शीर्षक वाली यह कॉमिक एक सुपर हीरो पर आधारित है जोकि कोरोना वायरस से न सिर्फ लड़ाई करता है बल्कि देश को उससे बचाता भी है।
कोरोना वायरस और सुपर हीरो से जोड़ते हुए अभी तक बच्चों पर आधारित कॉमिक यह पहली बार लिखी गई है। लेखक का कहना है कि एक वक्त पहले तक बच्चों के जीवन में कॉमिक्स की अहम भूमिका होती थी लेकिन अब डिजिटल युग में बच्चे इनसे काफी दूर जा रहे हैं। इसीलिए उन्होंने अपने लेखन से बच्चों को जागरूक करने के अलावा कॉमिक्स के प्रति लगाव का प्रयास भी किया है।
आदि, जूजू, मनी, लड्डू और आलू इन पांच स्कूली बच्चों के ईदगिर्द घूमने वाली यह कहानी दिलचस्प के साथ साथ बच्चों को कोविड संबंधी सतर्कता नियमों का पालन करने के प्रति प्रेरित भी कर रही है। लेखक अलका बताती हैं कि लॉकडाउन के दौरान हर कोई घर से ही काम कर रहा था। शुरुआत में घर बैठे बैठे बड़ा अजीब लगने लगा। फिर बच्चों के साथ समय व्यतीत करने लगे। उस वक्त हर कोई अपनी अपनी समस्याओं में लगा था लेकिन बच्चों की ओर किसी का ध्यान नहीं था। दिन भर टीवी चैनलों पर कोरोना की खबरें और मनोरंजन के नाम पर कुछ और न मिलने की वजह से बच्चे अपने दिमाग में तरह तरह की कहानियां बनाने लगे थे। ऐसे में इन बच्चों को सही जानकारी और सुरक्षा के तरीके बताना बेहद जरूरी था। उन्होंने खेलते खेलते बच्चों को कोरोना वायरस से बचने के लिए एक ऐसी कहानी बनाई ताकि मासूम बच्चे भी पूरे आनंद के साथ इसे सीख सकें।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कोरोना महामारी के चलते लोगों पर काफी असर पड़ रहा है। लॉकडाउन और घर में रहने की वजह से मानसिक तनाव की परेशानी भी देखने को मिल रही है। इसलिए सरकार ने हेल्पलाइन सेवा भी शुरू की थी। इतना ही नहीं बच्चों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। चूंकि बच्चों के जरिए जागरुकता संदेश बेहतर तरीके से घर घर भेजे जा सकते हैं। इसलिए चंडीगढ़ पीजीआई के डॉक्टरों ने भी बच्चों पर केंद्रित एक दिशा निर्देश जारी किए थे।
नई दिल्ली के दरियागंज स्थित यश पब्लिकेशंस के जतिन कुमार ने बताया कि गो कोरोना गो की कहानी एकदम नई और अनोखी है। बच्चों पर केंद्रित यह कहानी बहुत कुछ बयां करती है। इसीलिए गो कोरोना गो को प्रका‌शित करने का फैसला‌ लिया। अमेजन, फ्लिपकॉर्ट इत्यादि पर यह उपलब्ध है।

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