
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- जनता काँग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमित जोगी ने कहा छत्तीसगढ़ में 80 प्रतिशत आईसीयू बिस्तर, वेंटिलेटर और क्रिटिकल केयर डॉक्टर निजी अस्पतालों में हैं। सरकारी अस्पतालों के भरोसे मात्र 20 प्रतिशत लोगों का ही इलाज हो सकता है। सरकार ने अपनी इस बेहद सीमित क्षमता को बढ़ाने के लिए विगत 3 महीनों में कोई ठोस कदम नहीं लिए।
श्री जोगी ने कहा सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों को उपचार के वास्तविक खर्चे से आधे से भी कम दरों में लोगों का इलाज करने का फरमान जारी कर दिया जिसका ये नतीजा है कि आज से उन्होंने गरीब और बिना बीमा वाले मरीजों के उपचार के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए हैं और कई मरीजों को तो बीमारी की अवस्था में ही डिस्चार्ज करने के लिए विवश हो गए हैं। अमित जोगी ने अत्यंत दुःख के साथ प्रश्न करते हुए कहा कि सरकार बताए ये लोग अब कहाँ जाएँगे ?
अमित जोगी ने कहा महामारी की विस्फोटक स्थिति को काबू करने के लिए सरकार अपना आदेश वापस ले और सभी राशन कार्ड धारी कोविड-19 मरीजों का प्राइवेट अस्पतालों में इलाज का पहले से सम्पूर्ण खर्चा (पद ंकअंदबम) स्वयं वहन करने का ऐलान करे। क्योंकि हकीकत यह है कि छत्तीसगढ़ में निजी अस्पतालों की भागीदारी के बिना यूनिवर्सल हेल्थ केर और कोरोना की जंग जीतना असम्भव है।





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