अतिक्रमण हटाओ अभियान की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

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अतिक्रमण हटाओ अभियान की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- नजफगढ़ में सड़कों सौंदर्यकरण व साफ-सफाई को लेकर एसआईटी ने नजफगढ़ फिरनी पर एसडीएम विनय कौशिक के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस अभियान में एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, यातायात पुलिस व राजस्व विभाग ने मिलकर अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही की। लेकिन प्रशासन की इस कार्यवाही पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिये है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन का हथौड़ा सिर्फ गरीबों पर ही चलता है क्योंकि इस अभियान में अधिकारी बड़े लोगों व नेताओं के अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही करने में बेबस दिखे।
मंगलवार को एसआईटी द्वारा नजफगढ़ फिरनी पर चलाये गये अतिक्रमण के खिलाफ अभियान पर लोगों ने उंगली उठानी शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की कार्यवाही निष्पक्ष नही थी। प्रशासन ने सिर्फ खानापूर्ति के लिए ही यह कार्यवाही की है। हालांकि एसडीएम इस कार्यवाही का स्वयं संचालन व निर्देशन कर रहे थे लेकिन इस कार्यवाही के बाद भी ऐसे अनेकों अतिक्रमण है जिनपर प्रशासन कार्यवाही नही कर पाया। हालांकि लोगों ने फिरनी को अतिक्रमण मुक्त बनाने की कार्यवाही का स्वागत किया लेकिन अधिकारियों द्वारा नेताओं व बड़े लोगों के अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही नही करने से लोग काफी खफा दिखे। लोगों की माने तो प्रशासन को निष्पक्ष कार्यवाही करनी चाहिए थी। सिर्फ गरीबों के थड़े व पौड़ियां तोड़ने से फिरनी अतिक्रमण मुक्त नही हो पायेगी। इससे समाज में प्रशासन के खिलाफ विरोध ही पैदा होगा। यहां बता दें कि मंगलवार को थाना रोड़ पर की गई तोड़फोड़ की कार्यवाही के बाद भी कुछ ऐसे बोर्ड व पौड़िया बची है जो फुटपाथ के बीचोबीच बनी है। लेकिन प्रशासन ने इन पर कार्यवाही क्यों नही की इस पर लोग सवाल उठा रहे है। जबकि निगम दस्ता फिरनी से अलग रखे बोर्डो को भी उठा रहा था तो ये कैसे रह गये। लोगों ने आरोप लगाया कि अधिकारी सिर्फ गरीबों को परेशान करने के लिए ही इस तरह की कार्यवाही करते है। जबकि सबसे ज्यादा फुटपाथों का अतिक्रमण बड़े निर्माणों व स्टोरों पर ही होता है। यहां तक की फिरनी पर कई नेताओं के भी कार्यालय है जिनके बोर्ड़ फुटपाथ पर लगे है। लेकिन प्रशासन इनकों हटाने में नाकाम ही दिखा।
वहीं कोरोना काल में रेड़ी-पटड़ी वालों के खिलाफ व छोटे दूकानदारों के खिलाफ कार्यवाही नही करने के आदेश है लेकिन एसआईटी की इस कार्यवाही में अधिकारियों ने किसी को नही छोड़ा। यहां तक चाय वालों के स्टाल तक भी उठा ले गये। हालांकि इस संबंध में जब एसडीएम विनय कौशिक से पूछा गया तो उन्होने कहा कि नजफगढ़ फिरनी पर अतिक्रमण के चलते जाम की समस्या फिर बढ़ने लगी थी। साथ ही लोगों ने अपनी दूकानों के सामने फुटपाथ पर अवैध कब्जे कर रखे थे जिनकों हटाने के लिए मंगलवार से प्रशासन नजफगढ़ फिरनी व बाजार को अवैध कब्जों से अतिक्रमण मुक्त करने के लिए कार्यवाही कर रहा है ताकि नजफगढ़ फिरनी को खुला व सुन्दर बनाया जा सके और वाहन चालकों के साथ-साथ राहगीरों को चलने में कोई परेशानी न हो इसके लिए अतिक्रमण हटाओं अभियान चलाया जा रहा है। उन्होने लोगों से व दूकानदारों से अपने घरों व दूकानों के सामने अतिक्रमण न करने की भी अपील की।

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