कोरोना के फैलाव को रोकेगी ओजोन गैस, शोध में हुआ खुलासा

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August 24, 2026

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कोरोना के फैलाव को रोकेगी ओजोन गैस, शोध में हुआ खुलासा

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/जापान/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना वायरस के मामले दुनियाभर में बढ़ते जा रहे हैं। इस वायरस से दो करोड़ 40 लाख के करीब लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, इसकी वजह से अब तक आठ लाख 21 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस महामारी को खत्म करने के लिए वैक्सीन बनाने के काम में जुटे हुए हैं। इस बीच जापान के शोधकर्ताओं ने एक हैरान करने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि ओजोन गैस की मदद से इस वायरस को खत्म किया जा सकता है। इस तरीके से अस्पतालों को भी सुरक्षित बनाया जा सकता है, जहां इस वायरस के फैलने का खतरा सबसे ज्यादा है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, यह शोध जापान की फुजिता हेल्थ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने किया है। उनका कहना है कि यह साबित हो चुका है कि कम घनत्व वाली ओजोन गैस (0.05 से 0.1 पीपीएम) से वायरस को नष्ट किया जा सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, प्रयोग के दौरान पाया गया कि कम घनत्व वाली ओजोन गैस के अधीन आने पर कोरोना वायरस की शक्ति 90 फीसदी से अधिक घट गई। इसके लिए वैज्ञानिकों ने ओजोन जनरेटर का इस्तेमाल किया था।
ओजोन ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से मिलकर बनने वाली एक गैस है, जो वायुमंडल में बहुत कम मात्रा (0.02 फीसदी) में पाई जाती है। यह तीखे गंध वाली अत्यंत विषैली गैस है। यह वायुमंडल की ऊपरी परत ओजोन परत के रूप में सूर्य के पराबैंगनी विकिरण से पृथ्वी पर जीवन को बचाती है। वैसे तो ओजोन गैस इंसानों के लिए बहुत नुकसानदेह होती है, लेकिन इसकी सबसे खास और अच्छी बात ये है कि ओजोन गैस की निम्न स्तर की मात्रा इंसानों के लिए सुरक्षित है। फुजिता हेल्थ यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता ताकायुकी मुराता ने बताया कि इस वायरस के प्रसार को ओजोन गैसे के इस्तेमाल से कम किया जा सकता है।
ताकायुकी मुराता के मुताबिक, ओजोन गैस के उपयोग से कोरोना वायरस पर जल्द काबू पाया जा सकता है। उनका कहना है कि 1-6 पीपीएम की उच्च सांद्रता पर यह गैस कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में प्रभावी है।

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