फोर्स को नेतृत्व विहीन रखना कोई स्वस्थ पंरपरा नही- रणबीर सिंह

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August 21, 2026

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फोर्स को नेतृत्व विहीन रखना कोई स्वस्थ पंरपरा नही- रणबीर सिंह

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/ नई दिल्ली/- कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने पिछले 78 दिन से नेतृत्व विहीन चल रही बीएसएफ पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी फोर्स को इतने लंबे समय तक नेतृत्व विहीन रखना कोई स्वस्थ पंरपरा नही हैं। जिसकारण फोर्स के मनोबल में भारी कमी आ सकती है अतः सरकार इस संबंध में जल्द फैसला लें।
                                    यहां बता दें कि श्री वीके जौहरी आईपीएस के 11 मार्च को अपने मूल कैडर मध्यप्रदेश वापस आने के बाद 2.5 लाख से ज्यादा जवानों से सुसज्जित पहली रक्षा पंक्ति की बार्डर गार्डींग फोर्स  बीएसएफ पिछले 78 दिनों से बिना डीजी के नेतृत्व विहिन हो गई है। जिसे देखते हुए महासचिव रणबीर सिंह ने आश्चर्य व्यक्त किया कि इतने लंबे समय तक फोर्स को प्रमुख विहिन रखना कोई स्वस्थ परम्परा नहीं है। नियुक्ति में देरी के चलते कई महत्वपूर्ण नितिगत फैसले लेने में देरी हो रही है। जबकि आज सरहद पर पड़ोसी देशों के इरादे संदेहास्पद है । बीएसएफ देश का अकेला ऐसा बल जिस के पास एयर , मैरीन एवं आर्टिलरी विंग हैं ओर जो पाकिस्तान, बांग्ला देश से सटी हजारों किलोमीटर अति संवेदनशील सरहदों की चाक-चैबंद चैंकिदारी कर रहे हैं।
                             इस अवसर पर कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन कोषाध्यक्ष वीएस कदम ने माननीय प्रधानमंत्री जी जोकि स्वयं कैबिनेट नियुक्ति समिति के चेयरमैन हैं ,मांग की है कि बीएसएफ डीजी पद पर उसी आफिसर्स को नियुक्त किया जाए जो कम्पनी लेवल व बटालियन से गुजरात के रण-कच्छ क्षेत्र, सुंदरबन बांग्लादेश बार्डर से बाड़मेर-जैसलमेर 55 डिग्री तपते रेगिस्तान से चमिलयाल-रामगढ सैक्टर या अन्य दूरदराज के सरहदी बंकरों में जवानों के साथ चैकीदारी किया हो । जब सरकार अर्ध-सेनिक बलों की सीपीसी कैंटीन में स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल की शुरुआत कर सकती है तो फिर स्वदेशी डीजी क्यों नहीं , एक गंभीर सवाल ? अर्ध-सेैनिक बलों में आईपीएस के आने से एक परम्परा सी बन गई कि  ष्तूं चल में आयाष्, मस्ती के लिए 2-3 साल के लिए आए ओर चले गए ! जिनको जवानों के भलाई संबंधित मसलों से कोई लेना देना नहीं । अगर ऐसा होता तो 2004 से अर्ध-सैनिक बलों की पुरानी पैंशन बंद नहीं होती , किसी आईपीएस डीजी ने विरोध नहीं किया। अतः पुर्व अर्धसैनिक बलों की कॉनफैडरेसन माननीय प्रधानमंत्री जी से क्रमबद्ध अनुरोध करते हैं कि कैडर आफिसर्स को ही अतिशीघ्र बीएसएफ डीजी बनाया जाए ताकि सरहदी जवानो की रोजमर्रा जिंदगी में आने वाली समस्याओं व भलाई संबंधित मसलों को सरकार के समक्ष बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर अमलीजामा पहना सके ।

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