हैंड सैनिटाइजर का अधिक इस्तेमाल हो सकता है सेहत के लिए है खतरनाक

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हैंड सैनिटाइजर का अधिक इस्तेमाल हो सकता है सेहत के लिए है खतरनाक

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोग कई तरह के उपाय कर रहे है। विशेषज्ञ भी इसमें लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दे रहे है, जिसमें मास्क का इस्तेमाल करना, साबुन से हाथ धोना और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल शामिल है और सामाजिक दूरी बनाये रखना आदि। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा हैंड सैनिटाइजर के ज्यादा इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है। इसकी जगह साबुन से हाथ धोने का सुझाव दिया गया है। चैधरी ब्रह्मप्रकाश आयुर्वेदिक चरक संस्थान नजफगढ़ के उप निदेशक डाॅक्टर एन आर सिंह के मुताबिक हैंड सैनिटाइजर का अधिक इस्तेमाल सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।

आइए जानते हैं यह कैसे हमारे हाथों को और शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है…
उनका कहना है कि हैंड सैनिटाइजर बनाने में बेंजाल्कोनियम क्लोराइड जैसे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें बेंजाल्कोनियम क्लोराइड की खूबी ये है कि हाथ की त्वचा पर मौजूद कीटाणुओं को लगभग पूरी तरह मार देता है, लेकिन इसके अधिक इस्तेमाल से एलर्जी, खुजली या जलन जैसी शिकायत भी हो सकती है। खासकर उन लोगों को, जिनकी त्वचा बेहद ही संवेदनशील है। ट्राइक्लोसोन नाम के केमिकल का भी हैंड सैनिटाइजर बनाने में उपयोग किया जाता है। यह एक ऐसा केमिकल है, जिसे हमारी त्वचा पलभर में सोख लेती है। इस वजह से यह केमिकल हमारे शरीर में प्रवेश कर जाता है। अगर इसका सीमित मात्रा में इस्तेमाल हो तो ठीक है, वरना इसके नुकसान भी हो सकते हैं।
उन्होने कहा कि हैंड सैनिटाइजर के अधिक इस्तेमाल से हाथों में रुखापन भी बढ़ने लगता है। हालांकि ऐसा साबुन के भी ज्यादा इस्तेमाल से हो सकता है। इसलिए बेहतर है कि इसके लिए डॉक्टर से सलाह ले लें, ताकि त्वचा संबंधी कोई परेशानी न हो। आजकल बाजार में खुशबूदार सैनिटाइजर भी आने लगे हैं। ऐसे में ये उन लोगों के लिए ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है, जो अधिक संवेदनशील होते हैं। ऐसे सैनिटाइजर उनके लिए तनाव का कारण बन सकते हैं, क्योंकि इसमें कई तरह के केमिकल्स का उपयोग किया जाता है।
डा. सिंह ने कहा कि हैंड सैनिटाइजर को सुगंधित बनाने के लिए फैथलेट्स जैसे केमिकल्स का उपयोग किया जाता है। इस केमिकल के अधिक इस्तेमाल से लिवर और किडनी पर नकारात्मक असर पड़ता है। ऐसे में यह उन लोगों को दिक्कतें दे सकता है, जो पहले से ही पेट या पाचन से जुड़ी बीमारियों से परेशान हैं। हैंड सैनिटाइजर के अधिक इस्तेमाल का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ सकता है। चूंकि कई बार ऐसा होता है कि बच्चे किसी परेशानी को माता-पिता से बता नहीं पाते हैं कि उन्हें क्या परेशानी हो रही है। ऐसे में हैंड सैनिटाइजर का अधिक उपयोग उन्हें चिड़चिड़ा और बीमार बना सकता है। इसलिए बेहतर है कि जितना संभव हो बच्चों को साबुन से ही हाथ धुलाएं।

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