नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- भारत में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) 2.0 सुधार 22 सितंबर से लागू हो गए हैं। इस नए प्रावधान के तहत टैक्स स्लैब्स को घटाकर केवल दो मुख्य दरें – 5% और 18% कर दी गई हैं। इसका असर रोज़मर्रा की चीज़ों से लेकर दवाइयों, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल तक की कीमतों पर पड़ा है, जिससे उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर राहत मिलेगी।
व्यापारी धोखा देंगे तो होगी कार्रवाई
हालांकि कई बार व्यापारी अपने फायदे के लिए उपभोक्ताओं को GST कटौती का लाभ नहीं पहुंचाते। ऐसा करना कानूनन अपराध है और इसे प्रॉफिटियरिंग कहा जाता है। सीजीएसटी एक्ट की धारा 171 के तहत यह दंडनीय है। पहले इस पर नजर रखने के लिए एंटी-प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी थी, लेकिन अब GST 2.0 में शिकायतों को नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) को सौंपा गया है।
शिकायत कैसे करें?
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए सरकार ने कई आसान विकल्प दिए हैं, जिनसे बिना किसी शुल्क के शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
- नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) पर कॉल करें
नंबर: 1915
समय: सुबह 9:30 से शाम 5:30 (सोमवार से शनिवार)
प्रक्रिया: कॉल करके दुकान का नाम, पता और बिल का सबूत बताना होगा। रेफरेंस नंबर जारी होगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- GST हेल्पडेस्क पर संपर्क करें
नंबर: 1800-114-000 या 0124-4688999
ईमेल: helpdesk@gst.gov.in
समय: 24×7 उपलब्ध
यहां सिस्टम संबंधी और प्रॉफिटियरिंग दोनों शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं।
- ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
NCH पोर्टल: consumerhelpline.gov.in
GST पोर्टल: gst.gov.in पर ‘ग्रिवांस रिड्रेसल’ सेक्शन से।
उपभोक्ता पुरानी और नई कीमत का प्रमाण (जैसे बिल) अपलोड कर सकते हैं।
उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा फायदा
सरकार का दावा है कि GST 2.0 सुधारों से बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को वस्तुओं पर टैक्स कटौती का लाभ सीधे मिलेगा। साथ ही, धोखाधड़ी करने वाले व्यापारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।


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