शहीद कारसेवकों के परिवारों को आर्थिक मदद दे सरकार

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July 26, 2026

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शहीद कारसेवकों के परिवारों को आर्थिक मदद दे सरकार

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नांगलोई/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- यूं तो अपने आराध्य के लिए अब तक लाखों लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया है। लेकिन आज वह समय है जब देश के करोड़ों लोगों की आस्था के स्वामी अपने घर लौट रहे है। ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार त्रेता युग में लौटे थे। पांच अगस्त को अयोध्या में होने वाले राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन के आयोजन का स्वागत करते हुए आर्य समाज नांगलोई ने राम मंदिर आंदोलन के दौरान बलिदान देने वाले परिवारों को ससम्मान आर्थिक सहायता देने के की सरकार से मांग की है।
नांगलोई आर्य समाज के संरक्षक लाला ओमप्रकाश ने प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा है कि आंदोलन में शहीद हुए कोठारी बंधुओं को भूमि पूजन में निमंत्रण देकर ट्रस्ट ने एक अनुकरणीय कार्य किया है। लेकिन इन कोठारी बंधुओं के परिवारों को सरकार या ट्रस्ट की तरफ से आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवाई जाए। लाल ओमप्रकाश ने कहा है कि कोठारी बंधुओं के अलावा राम मंदिर आंदोलन के दौरान जितने भी लोगों ने अपना बलिदान दिया है ट्रस्ट उन सबके परिवारों का सम्मान करके आर्थिक राशि प्रदान करे। लाला ओमप्रकाश के मुताबिक मंदिर निर्माण में अरबों रुपए खर्च होंगे, लेकिन यह शुभ घड़ी केवल हिंदू समाज के ऐसे बलिदानों के कारण ही आ पाई है। इसलिए हिंदू समाज सदैव इनका ऋणी रहेगा और जिसे भुलाया नहीं जा सकता। इसलिए इन शहीदों के परिवारों का ध्यान रखना समाज का कर्तव्य।
गौरतलब है कि कोलकाता के रहने वाले शरद कोठारी और रामकुमार कोठारी ने 1990 में सबसे पहले बाबरी ढांचे पर भगवा ध्वज फहराया था और उसके तीन दिन बाद 2 नवंबर 1990 को पुलिस की गोली से दोनों भाइयों की मृत्यु हो गई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राम मंदिर आंदोलन के दौरान पुलिस की गोलियों का शिकार हो कर पांच लोगों ने अपने प्राण गवाएं थे। लेकिन गैर सरकारी आंकड़े बताते हैं कि इस आंदोलन में 15 से 20 लोगों ने अपनी जान गवाई थी।

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