18 सितंबर को आयोजित होने जा रही है पहली ई-लोक अदालत

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 17, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

18 सितंबर को आयोजित होने जा रही है पहली ई-लोक अदालत

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/गुरूग्राम/नई दिल्ली/प्रदीप यादव/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण(हालसा) द्वारा कोविड-19 संक्रमण को ध्यान में रखते हुए पहली बार 18 सितंबर को ई-लोक अदालत लगाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस लोक अदालत में डिजीटल प्लेटफाॅर्म के माध्यम से विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों का निपटारा किया जाएगा। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा हालसा के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राजीव शर्मा के मार्गदर्शन में ई-लोक अदालत लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।
इस बारे में जानकारी देते हुए जिला एवं सत्र न्यायधीश तथा जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष एम एम धोंचक ने बताया कि ई-लोक अदालत का उद्देश्य उन सभी लोगों को ऑनलाइन मंच प्रदान करना है जिनके वैश्विक महामारी के दौरान विभिन्न न्यायालयों में मामले लंबित हैं ताकि उनका समय रहते निपटारा किया जा सके। उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में जरूरी है कि लोगों को डिजीटल प्लैटफाॅर्म उपलब्ध करवाते हुए उनके मामलों का निपटारा किया जाए।
धोंचक ने बताया कि ई-राष्ट्रीय लोक अदालत के संचालन के लिए 8 पीठों का गठन किया है जिनमें एडिश्नल सैशन जज भावना जैन,एडिश्नल सैशन जज विजय जेम्स, जेएमएफसी सुयशा जवा, जेएमएफसी हरजोत कौर, जेएमएफसी सोनिया श्योकंद, जेएमएफसी छवि गोयल (केवल एनआई अधिनियम के अंतर्गत मामले), जेएमएफसी ( केवल एनआई अधिनियम के अंतर्गत मामले) निमित कुमार, जेएमएफसी (केवल एनआई अधिनियम वाले मामले) सुश्री शताक्षी आदि शामिल है।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायायिक दंडाधिकारी प्रदीप चैधरी ने बताया कि चयनित 525 मामलों को अलग-अलग श्रेणी से लिया गया है और यह भी बताया कि सिस्टम अधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है जो ई-लोक अदालत संबंधी इंतजामों को सुनिश्चित करेंगे । वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक न्यायालय में बेंच आईडी को ठीक से स्थापित किया जाए। पीठासीन अधिकारी को ई-लोक अदालत बेंच नामित किया गया है और वह दैनिक ई-लोक अदालत के लिए दैनिक लिंक का निर्माण सुनिश्चित करेगा। यह सुनिश्चित करना सिस्टम अधिकारियों का कर्तव्य होगा कि खंडपीठ द्वारा आवश्यक होने पर लिंक उपलब्ध हों।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox