अर्धसैनिक बलों के पूर्व जवानों को मिले फेसबुक इस्तेमाल की छूट

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

December 2022
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
December 2, 2022

हर ख़बर पर हमारी पकड़

अर्धसैनिक बलों के पूर्व जवानों को मिले फेसबुक इस्तेमाल की छूट

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- अभी हाल ही 13 जुलाई को ग्रह मंत्रालय द्वारा आदेश जारी कर सेवारत एवं सेवानिवृत अर्धसैनिक बलों के जवानों को फेसबुक इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई जोकि 15 जुलाई 2020 से मान्य होगा को लेकर कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन ने सरकार से अर्धसैनिक बलों के पूर्व जवानों को फेसबुक इस्तेमाल की छूट देने का सरकार से आग्रह किया है। एसोसिएशन का मानना है कि इससे जवान न केवल अपनी समस्याऐं शेयर करते है बल्कि अपने डीजीपी व प्रधानमंत्री की मन की बात भी सुनते है। इस लिए सरकार उन्हें देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ शर्तों के साथ छूट दे।
कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह के हवाले से कहा कि उपरोक्त आदेश पुर्व बलों के सदस्यों पर भी लागू होगा तो फिर सोशल मीडिया या डिजिटल इंडिया एक तरह से बेमानी साबित होगा जिसके जरिए हम सुचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं । यही एकमात्र जरिया था जिस के द्वारा सरहदों के चैकीदारों के भलाई संबंधित मसलें आम जनता , मीडिया व सरकार तक पहुंचाएं जा रहे थे। फेसबुक के माध्यम से बलों के जवान भारत के वीर, सुरक्षा बलों के डीजीपी व अपने माननीय प्रधानमंत्री जी की मन की बात को चाव से सुनते व देखते हैं ! उन तमाम सुरक्षा बलों के एप्प का क्या हश्र होगा जिनके जरिए जवानों तक जरूरी सुचनाओं का आदान-प्रदान होता था । माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा आने वाले 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र के नाम संदेश प्रसारण को बिना फेसबुक इस्तेमाल के कैसे सुन पाएंगे, जबकि की इस तरह के दुर्गम, दूरदराज व रूरल एरिया में टीवी जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
सरकार से गुजारिश है कि कम से कम पुर्व अर्धसैनिक व उनसे जुड़ी हुई एसोशियेसन को फेसबुक के इस्तेमाल से छूट दी जाए ताकि जवानों की पुनः पैंशन बहाली, वन रैंक वन पेंशन, अर्धसेनिक कल्याण बोर्ड के गठन, एक्स-मैन व शहीद का दर्जा व बेहतर शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं व अन्य कल्याणकारी संबंधित मसलें आदि महत्वपूर्ण मुद्दों पर फेसबुक के माध्यम से सरकार के संज्ञान में लाएं जा सकें। हां जरूरत इस बात की है कि सुरक्षा बलों की संबंधी आवाजाही वाले ठिकानों, इस्तेमाल में आने वाले उपकरणों, हथियारों , व अन्य महत्वपूर्ण गुप्त जानकारी शेयर ना की जाए इसके लिए बदलाव व संशोधन की जरूरत।
महासचिव ने प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि कोरोना जैसी भयावह संक्रमण फैलने वाली बिमारी से निपटने में फेसबुक के जरिए सुरक्षा बलों के जवानों तक सुचना पहुंचाने में मददगार साबित हुआ है। अब समय की मांग सबसे पहले उन मिडिया चैनलों को बैन किया जाए जो लेह लद्दाख या अन्य सरहदों व सुरक्षा बलों से जुड़े महत्वपूर्ण इलाकों से अनाप शनाप 24 घंटे डायरैक्ट टेलीकास्ट कर अति संवेदनशील गुप्त जानकारी का ढिंढोरा पीटते रहते हैं। उम्मीद कि ग्रह मंत्रालय फिर से गहराई से विचार कर पुर्व अर्धसैनिकों को फेसबुक इस्तेमाल करने की इजाजत देंगे।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox