ठंड के बावजूद किसानों का हौंसला बुलंद, आंदोलन का 22वां दिन, महापंचायत जारी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 24, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

ठंड के बावजूद किसानों का हौंसला बुलंद, आंदोलन का 22वां दिन, महापंचायत जारी

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कड़ाके की ठंड के बीच सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन का आज 22वां दिन है। इसके बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा है। किसानों का कहना है कि चाहे ठंड पड़े या बारिश जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी हम वापस नहीं जाएंगे। वहीं कल किसानों के समर्थन में संत बाबा राम सिंह ने खुदकुशी कर ली, जिसके बाद किसान कह रहे हैं कि अब तो वह बिना अपनी मांगें पूरी किए वापस नहीं जाएंगे। दूसरी तरफ बुधवार की सुनवाई के बाद आज सुप्रीम कोर्ट आज फिर किसान आंदोलन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
आज की महापंचायत में भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने नया फार्मूला देते हुए कहा कि अगर दो कदम सरकार और दो कदम किसान पीछे हटे तो समस्या का समाधान निकल सकता है। साथ ही उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश में जगह-जगह किसानों को रोका गया। लड़ते हुए किसान दिल्ली आ रहे हैं। सरकार आंदोलन को हिंसक करना चाहती है।

दिल्ली विधानसभा केंद्र के कृषि कानूनों को खारिज कर रही हैः केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली विधानसभा केंद्र के कृषि कानूनों को खारिज कर रही है, केंद्र सरकार अंग्रेज से बदतर न बने और कानून वापिस ले। दिल्ली विधानसभा में कृषि कानूनों को निरस्त करने का संकल्प पत्र स्वीकार कर लिया गया है। केंद्र सरकार कह रही है कि किसानों को कृषि कानूनों का फायदा समझ नहीं आ रहा इसलिए अपने दिग्गज नेताओं को उतारा है। योगी आदित्यनाथ एक रैली में कह रहे थे कि इन कानूनों से किसी की जमीन नहीं जाएगी, ये फायदा है। गुरुवार को दिल्ली विधानसभा की कार्रवाई शुरू हुई तो यहां काफी हंगामा मचा। आप विधायक महेंद्र गोयल ने कृषि कानूनों की प्रतियां सदन में फाड़ दीं और कहा कि मैं इन काले कानूनों को नहीं मानता क्योंकि ये किसानों के खिलाफ है। इसके बाद सदन में जय जवान जय किसान के नारे लगाए गए।

किसान संगठनों को भेजा जाएगा नोटिस
भारत के मुख्य न्यायधीश ने कहा कि सभी प्रदर्शनकारी किसान संगठनों को नोटिस जाना है और सुझाव दिया है कि इस मामले को शीतकालीन अवकाश के लिए अदालत की अवकाश पीठ के समक्ष रखा जाए। इससे पहले भारत के मुख्य न्यायधीश ने ये भी कहा कि दिल्ली को ब्लॉक करने से यहां के लोग भूखे रह सकते हैं। आपका (किसानों) मकसद बात करके पूरा हो सकता है। सिर्फ विरोध प्रदर्शन पर बैठने से कोई फायदा नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि उनमें से कोई भी फेस मास्क नहीं पहनता है, वे बड़ी संख्या में एक साथ बैठते हैं। ब्व्टप्क्-19 एक चिंता का विषय है, वे गांव जाएंगे और वहां कोरोना फैलाएंगे। किसान दूसरों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं कर सकते।
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी की तमाम सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को लेकर डाली गई जनहित याचिका की सुनवाई से इनकार कर दिया है। उच्च न्यायालय ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में पहले ही सुनवाई कर रही है ऐसे में उसकी सुनवाई करने का कोई मतलब नहीं है।

नोएडाः सड़क पर ही धरने पर बैठे किसान
बुधवार को भारतीय किसान यूनियन अंबावता के पदाधिकारी चिल्ला बॉर्डर पहुंचे थे और आज यहां सैकड़ों की संख्या में आने की बात कही गई थी। इसी के तरह गुरुवार को पुलिस से बचते-बचाते किसान नोएडा पहुंचने में सफल रहे। किसानों की नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित तमाम पदाधिकारियों को रातों-रात नजरबंद किया गया। किसान सेक्टर-15 पार्क में एकत्रित होकर चिल्ला की तरफ बढ़ने लगे तभी पुलिस ने बीच रास्ते में ही उन्हें रोक लिया है, जिसके बाद किसान सड़क पर ही धरने पर बैठ गए हैं।

चिल्ला बॉर्डरः अंबावत यूनियन के किसानों को धरनास्थल पर जाने से रोक रही पुलिस
चिल्ला बॉर्डर पर किसान यूनियन अंबावत के लोगों को धरनास्थल पर जाने से पुलिस रोक रही है। पुलिस किसानों को समझाने की कोशिश कर रही है। अंबावत यूनियन ने आज चिल्ला बॉर्डर पर नोएडा से दिल्ली जाने वाले रास्ते को भी बंद करने का एलान किया है।

टिकरी बॉर्डर पर किसान जयसिंह की मौत
टिकरी बॉर्डर पर एक किसान जय सिंह की ठंड से मौत हो गई है। वह हरियाणा के रहने वाले थे।

दिल्ली-नोएडा लिंक रोड पर लगा जाम
चिल्ला बॉर्डर बंद होने के चलते नोएडा दिल्ली लिंक रोड पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम लग गया है।

सिंघु बॉर्डरः ठंड से बचने के लिए ले रहे अलाव और गैस हीटर का सहारा
सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बढ़ती ठंड से बचने के लिए गैस हीटर लगाए हैं। एक प्रदर्शनकारी ने बताया, श्लोग लकड़ी जलाकर अपना काम चला रहे हैं। किसान नेताओं ने कुछ हीटर मंगाए हैं लेकिन ये गैस से चलते हैं, इनमें खर्चा है।श्

सुप्रीम कोर्ट में आज किसान आंदोलन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में आज किसान आंदोलन से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई होगी। इसमें किसानों को तुरंत प्रदर्शनस्थल से हटाने की मांग वाली याचिका भी है।

सिंघु बॉर्डर पर छात्रों ने किया विस्माद नाटक का मंचन
दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर अमृतसर के खालसा कॉलेज के छात्रों ने गुरु नानक देवजी की जिंदगी से प्रेरित नाटक श्विस्मादश् का मंचन किया।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox