नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चीन और रूस के बीच के संबंधों को गहरा करने के लिए एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए। साथ ही दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के बारे में बताया।


बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिन की यात्रा पर चीन गए थे। जहां पुतिन के लिए चीन के राष्ट्रपति ने रेड कार्पेट बिछाया। इससे दोनों देशों के बीच के रिश्ते गहराते दिख रहे हैं। ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल के बाहर सैन्य बैंड सेरेनेड और कई बंदूकों से सलामी भी दी। वहीं चीने के विदेश मंत्रालय के अनुसार शी जिनपिंग ने कहा कि चीन- रूस संबंध बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल की कसौटी पर खरे उतरे हैं। चीन-रूस एक दूसरे के अच्छे पड़ोसी, अच्छे दोस्त और भरोसेमंद रहना चाहते हैं।


शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों ही देशों के बीच मित्रता मजबूत करने और संयुक्त रूप से संबंधित राष्ट्रीय विकास, निष्पक्षता और न्याय को बनाए रखने के लिए साथ आना चाहते हैं।
पुतिन की बीजिंग यात्रा उनके नए कार्यकाल की पहली विदेश यात्रा है। वह यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की को आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से निलंबित करने के फैसले पर सहमति दी।
बता दें कि पुतिन और शी जिनपिंग चौथी बार बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में यूक्रेन में संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता और संकट के समाधान के राजनयिक प्रयासों की आवश्यकता पर चर्चा की। यह यात्रा चीन पर बढ़ते दबाव के दौरान हुई है। वहीं अमेरिका ने चीन पर रूस के रक्षा परिसर को सहायता देने का आरोप लगाया। हालांकि चीन ने इस दावे को निराधार बताया। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों महत्व के बारे में बात की।
इस बैठक में पुतिन और शी जिनपिंग ने व्यापार, सुरक्षा, उद्योग, प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की।


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