
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- साहित्य सरगम से जुड़े दिल्ली के कवियों ने जनता कवि दरबार के माध्यम से 2021 के स्वागत में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर देशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संयोजन व संचालन हास्य कवि कृष्ण गोपाल विद्यार्थी ने किया। काव्योत्सव का शुभारंभ भारतीय संस्कृति की प्रतिनिधि कवयित्री रजनी अवनी की रचनाओं से हुआ। उन्होंने कहा….
मंगल मंगल दीप जलें,
हो मंगलमय सारा संसार।
नए साल में सबके घर में,
खुल जाएं खुशियों के द्वार।
हास्य कवि रसिक गुप्ता ने कोरोना के प्रभावों को लेकर एक रोचक कविता सुनाने के अलावा यह कामना भी व्यक्त की…
पथ प्रदर्शक बनी युगों से है कलम की धार ही,
सार्थक हो जिंदगी बेशक जिएं दिन चार ही।
मोक्ष हम पाएं न पाएं चाहते केवल यही,
जन्म भारत में मिले हम कवि बनें हर बार ही।
कवयित्री बलजीत कौर तन्हा ने हास्य को ही अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम चुनने का कारण बताते हुए कहा…
किसी को चाह लो,तो चाहत हो जाती है,
अपना बना लो,तो आदत हो जाती है।
मैने जान लिया दिल में रहता है खुदा,
लोगो को हंसा लो,इबादत हो जाती है।
संचालन कर रहे कवि कृष्ण गोपाल विद्यार्थी ने कुछ हास्य रचनाएं सुनाने के बाद अपनी इन पंक्तियों के साथ कार्यक्रम का समापन किया….
हो हर दिवस आपका होली,हो हर रात दीवाली।
लाए नूतन वर्ष आपके जीवन में खुशहाली।
इस अवसर पर उपस्थित रहे जनता टीवी के संपादक प्रदीप डबास व उनके वरिष्ठ सहयोगी राम विश्वकर्मा ने अतिथि कवियों को आकर्षक उपहार देकर सम्मानित भी किया।





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