
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/भोपाल/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- यूपी की तर्ज पर मध्य प्रदेश विधानसभा में भी ‘मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक-2021’ सोमवार को पारित हो गया। विधेयक में शादी और किसी अन्य गलत तरीके से किए गए धर्मांतरण के मामले में अधिकतम 10 साल की कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की स्वीकृति मिलने पर यह कानून नौ जनवरी को अधिसूचित ‘मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश-2020’ की जगह लेगा। प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एक मार्च को इस विधेयक को सदन में पेश किया था और सोमवार को चर्चा के बाद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
बिल में नये कानून के अनुसार, ‘‘अब जबरन, भयपूर्वक, डरा-धमका कर, प्रलोभन देकर, बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कर विवाह करने और करवाने वाले व्यक्ति, संस्था अथवा स्वयंसेवी संस्था के खिलाफ शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित प्रावधानों के मुताबिक आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।’’ राज्य सरकार के इस कानून का उल्लंघन करने वाली किसी भी शादी को शून्य माना जाएगा।





More Stories
दिल्ली के 250 वार्डों में महिलाओं के लिए बनेंगे ‘पिंक पार्क’, क्या है MCD का प्लान और क्या होंगी सुविधाएं?
द्वारका कोर्ट से सुनवाई से बच रहा घोषित अपराधी हरियाणा के झज्जर से गिरफ्तार,
मेरठ का शराब तस्कर ऋषिकेश में गिरफ्तार, फर्जी डिफेंस लेवल लगाकर बेचने जा रहा था
ऋषिकेश एम्स में “पाइरेक्सिया” का उद्घाटन हरिद्वार सांसद
प्राचीन श्री रामलीला हल्द्वानी में दिन में राम-केवट संवाद और भरत मिलाप की भावुक लीला, रात्रि में मारीच-सुबाहु वध एवं अहिल्या उद्धार का मंचन किया गया
शराबियों की बारात लेकर फिर थाने पहुँची देहरादून पुलिस