नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- दक्षिणी दिल्ली जिला पुलिस ने तीन राज्यों में सक्रिय एक कथित मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 12 किशोरियों को सुरक्षित बरामद किया है। मामले में गिरोह की कथित सरगना समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह सोशल मीडिया के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की किशोरियों को अच्छी नौकरी, बेहतर वेतन और सुविधाजनक जीवन का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था।
जांच के दौरान पुलिस को यह जानकर हैरानी हुई कि गिरोह की कथित मुख्य संचालक खुद महज 14 वर्ष की उम्र में घर से भागी थी और अगले कुछ वर्षों में उसने दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश तक नेटवर्क खड़ा कर लिया।
सोशल मीडिया बना शिकार बनाने का जरिया
दक्षिणी जिला पुलिस के अनुसार, गिरोह सोशल मीडिया पर सक्रिय किशोरियों को निशाना बनाता था। उन्हें दूसरे राज्यों में अच्छी नौकरी, आकर्षक वेतन और रहने की सुविधा का लालच दिया जाता था। घर से निकलने के बाद जब उन्हें वास्तविक स्थिति का पता चलता, तो कथित तौर पर उन्हें स्पा सेंटरों और अन्य शोषणकारी गतिविधियों में धकेलने की कोशिश की जाती थी।
15 वर्षीय किशोरी की गुमशुदगी से खुला मामला
पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच 9 मई को अंबेडकर नगर थाने में दर्ज 15 वर्षीय किशोरी की गुमशुदगी से शुरू हुई। जांच में सामने आया कि किशोरी को सोशल मीडिया के जरिए नौकरी और बेहतर जीवनशैली का लालच दिया गया था।
तकनीकी निगरानी और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस को उसके गुजरात के कच्छ जिले में मुंद्रा पोर्ट के आसपास होने की जानकारी मिली। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम गुजरात पहुंची और मुंद्रा स्थित एक स्पा से किशोरी को बरामद किया।
गुजरात से दो, उत्तर प्रदेश से सात किशोरियां बरामद
पुलिस ने मुंद्रा स्थित स्पा से दो किशोरियों को बरामद किया और स्पा संचालक दमानी सुशील हरेश उर्फ सुशील तथा रिसेप्शनिस्ट लक्ष्य को गिरफ्तार किया।
जांच में मिले डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 23 मई को उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित मेलोडी स्पा सेंटर में छापेमारी की। यहां से सात किशोरियों को सुरक्षित बरामद किया गया। पुलिस ने सेंटर के संचालकों मोनू शर्मा और संजीव मौर्य उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया।
इसके बाद दिल्ली के गणेश नगर स्थित एक घर से दो और किशोरियों को बरामद किया गया और खुशी उर्फ पूजा को गिरफ्तार किया गया।
12 किशोरियां पुलिस ने बचाईं
पुलिस के अनुसार, अब तक तीन राज्यों से कुल 12 किशोरियों को गिरोह के कथित चंगुल से मुक्त कराया गया है। गुजरात से बरामद दो किशोरियां भी दक्षिणपुरी की रहने वाली हैं और जांच में सामने आया कि वे स्वयं भी कथित तौर पर इसी नेटवर्क के संपर्क में आकर फंसी थीं। किशोर न्याय बोर्ड ने दोनों को पीड़ित माना है।
कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क
पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि गिरोह ने राजस्थान में भी कुछ किशोरियों को भेजा था। पुलिस अब उनका पता लगाने के साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
किशोरियों को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने में कथित रूप से शामिल प्रिंस अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका
दमानी सुशील हरेश उर्फ सुशील: कच्छ, गुजरात में स्पा सेंटर का संचालक।
लक्ष्य: मोहन गार्डन, दिल्ली निवासी; सोशल मीडिया के जरिए किशोरियों से संपर्क करने का आरोप।
विनय उर्फ महादेव: मादीपुर निवासी; परिवहन और रहने की व्यवस्था में कथित भूमिका।
मोनू शर्मा: अंबेडकर नगर निवासी; बलिया के मेलोडी स्पा सेंटर का संयुक्त संचालक।
संजीव मौर्य उर्फ सोनू: बलिया निवासी; स्पा सेंटर का संयुक्त संचालक और स्थानीय समन्वयक।
खुशी उर्फ पूजा: गणेश नगर निवासी; कथित तौर पर गिरोह के मुख्य ठिकाने का संचालन करती थी।
दक्षिणी जिला पुलिस के उपायुक्त अनंत मित्तल के मुताबिक, मामले की जांच जारी है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, राजस्थान में भेजी गई किशोरियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। फरार आरोपी प्रिंस की तलाश भी की जा रही है।


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