राहुल गांधी, बोले- “यह महिलाओं को अधिकार देने का नहीं

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October 14, 2026

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-महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा में गरजे राहुल गांधी -राजनीतिक नक्शा बदलने का प्रयास”

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार जिस विधेयक को महिला सशक्तिकरण का नाम दे रही है, उसका महिलाओं के अधिकारों से कोई वास्तविक संबंध नहीं है। राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि यह बिल महिलाओं को न्याय देने के बजाय देश की राजनीति और प्रतिनिधित्व के स्वरूप को बदलने का प्रयास है।

“यह महिला आरक्षण नहीं, राजनीतिक रणनीति है”
सदन में अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि यह विधेयक वर्ष 2023 में पहले ही पारित हो चुका है, लेकिन वर्तमान स्वरूप में इसका उद्देश्य महिलाओं को मजबूत करना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस कानून के माध्यम से परिसीमन और जनसंख्या आधारित प्रतिनिधित्व को आगे बढ़ाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है।

राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार सच में महिलाओं को अधिकार देना चाहती है, तो उसे पुराना महिला आरक्षण विधेयक वापस लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उस विधेयक का समर्थन करेगी और उसे पारित कराने में पूरी मदद देगी।

परिसीमन से नहीं होगा महिला सशक्तिकरण
अपने भाषण में राहुल गांधी ने परिसीमन के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि केवल सीटों की संख्या बदल देने या नए सिरे से सीमांकन करने से महिलाओं को वास्तविक भागीदारी नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का मतलब है कि महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्तर पर बराबरी का अवसर मिले, न कि उन्हें किसी बड़े राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाया जाए।

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार देश के ओबीसी, एससी और एसटी वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं देना चाहती। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक इन वर्गों के अधिकारों को कमजोर करने की दिशा में एक कदम है।

“सरकार महिलाओं की आड़ लेकर चुनावी गणित बदलना चाहती है”
सदन में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह विधेयक देश के चुनावी मानचित्र को बदलने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के नाम पर सरकार अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करना चाहती है। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा को डर है कि आने वाले वर्षों में उसकी राजनीतिक ताकत कम हो सकती है, इसलिए वह परिसीमन और आरक्षण के जरिए अपनी स्थिति बचाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि अगले 15 वर्षों तक जाति जनगणना और प्रतिनिधित्व के बीच कोई संबंध न रहे, इसके लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है।

दक्षिण भारत और छोटे राज्यों को दिया भरोसा
राहुल गांधी ने अपने भाषण में दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों की चिंता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन राज्यों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि विपक्ष उनके प्रतिनिधित्व को कम नहीं होने देगा।

उन्होंने सदन में कहा कि दक्षिण भारत और छोटे राज्यों के लोगों को यह भरोसा होना चाहिए कि उनका राजनीतिक अधिकार सुरक्षित रहेगा। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष सरकार को भारत के संघीय ढांचे और राज्यों के अधिकारों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने देगा।

अमित शाह पर भी ली चुटकी
अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने हल्के अंदाज में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी बहन को ऐसा काम करते देखा, जो वह खुद अपने 20 साल के राजनीतिक जीवन में नहीं कर पाए। राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए कहा कि उनकी बहन ने पांच मिनट में अमित शाह को मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया।

इस टिप्पणी के बाद सदन में कुछ देर के लिए हंसी का माहौल भी बन गया।

सरकार पर “राष्ट्रविरोधी कृत्य” का आरोप
अपने भाषण के अंत में राहुल गांधी ने सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जो कुछ किया जा रहा है, वह राष्ट्रहित में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार देश के लोकतांत्रिक ढांचे और सामाजिक संतुलन को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि पूरा विपक्ष इस विधेयक का मौजूदा स्वरूप में विरोध करेगा और इसे सदन में हराने की कोशिश करेगा।

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