मौनी अमावस्या पर संगम तट पर तनाव, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का रथ रोका गया

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March 30, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-राजसी स्नान जुलूस को अनुमति न मिलने पर बढ़ा विवाद

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-     मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संगम तट पर उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ और उनके साथ निकाले जा रहे जुलूस को पुलिस एवं मेला प्रशासन ने संगम पहुंचने से पहले ही रोक दिया। शंकराचार्य अपने समर्थक साधु-संतों के साथ राजसी स्नान की परंपरा के अनुरूप संगम की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन प्रशासन द्वारा जुलूस के साथ आगे बढ़ने की अनुमति न देने पर विवाद खड़ा हो गया।

पुलिस और साधु-संतों के बीच तीखी नोकझोंक
रथ को रोके जाने के बाद मौके पर मौजूद साधु-संतों और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। शंकराचार्य के समर्थकों ने प्रशासन पर तानाशाही और मनमानी रवैये का आरोप लगाया। पुलिस का कहना था कि सुरक्षा कारणों से केवल सीमित संख्या में लोगों को ही संगम स्नान की अनुमति दी जा सकती है और शंकराचार्य से पांच लोगों के साथ जाकर स्नान करने का अनुरोध किया गया। इस प्रस्ताव पर शंकराचार्य ने आपत्ति जताते हुए इसे परंपराओं के खिलाफ बताया।

संगम क्षेत्र में बढ़ाई गई सुरक्षा, अधिकारी मौके पर पहुंचे
विवाद की सूचना मिलते ही संगम क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार, मेला अधिकारी ऋषिराज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। पुलिस ने शंकराचार्य को रथ से नीचे उतरने से रोक दिया, जिससे गतिरोध और बढ़ गया।

समर्थकों का प्रदर्शन, हिरासत में लिए गए साधु
घटना के बाद शंकराचार्य के समर्थकों में आक्रोश फैल गया। पांटून पुल नंबर चार के पास बैरिकेडिंग तोड़ने और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने 20 से अधिक साधु-संतों को हिरासत में ले लिया। समर्थक संगम के पास बैठकर नारेबाजी करने लगे, जिससे तनाव और गहरा गया।

मुख्यमंत्री से निर्देश का इंतजार
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संपर्क साधने की कोशिश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर से दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल शंकराचार्य अपने समर्थकों के साथ संगम के पास ही डटे हुए हैं और पुलिस लगातार उन्हें समझाने का प्रयास कर रही है।

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