नजफगढ़/नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- नाहरगढ़ उत्थान संघ के तत्वावधान में अमर शहीद राजा नाहर सिंह और उनके वीर सेनापतियों के बलिदान दिवस पर नजफगढ़ क्षेत्र में श्रद्धा और सम्मान के साथ विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। 9 जनवरी 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में राजा नाहर सिंह के साथ उनके तीन पराक्रमी सेनापति—गुलाब सिंह सैनी, भूरा सिंह वाल्मीकि और खुशाल सिंह गुर्जर—के अद्वितीय बलिदान को स्मरण करते हुए विधिवत हवन और यज्ञ संपन्न कराया गया। आयोजन स्थल पर राष्ट्रभक्ति का माहौल देखने को मिला और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी इसमें शामिल हुए।

गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस श्रद्धांजलि समारोह में क्षेत्र के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और सामाजिक हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में 360 पालम के प्रधान रामकुमार, 96 महरौली के प्रधान पृथ्वी सिंह, बारह ढांसा के प्रधान खज़ान सिंह, संघ के संरक्षक जयभगवान शौखन्दा सहित विनोद, सुरेंद्र झटीकरा और सुखचैन सिंह जैसे सम्मानित व्यक्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कैप्टन कंवरलाल डागर (उजवा) ने की, जिनके नेतृत्व में आयोजन पूरे अनुशासन और गरिमा के साथ संपन्न हुआ।

नजफगढ़ को नाहरगढ़ नाम देने की मांग दोहराई
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने एक स्वर में नजफगढ़ का नाम पुनः नाहरगढ़ किए जाने की मांग उठाई। साथ ही राजा नाहर सिंह और उनके तीनों सेनापतियों की घोड़े पर सवार भव्य प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग भी जोर-शोर से रखी गई। वक्ताओं ने कहा कि ऐसी ऐतिहासिक स्मृतियां आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, साहस और बलिदान की प्रेरणा देंगी। इस विषय में सभी ने अपने जनप्रतिनिधियों से शीघ्र ठोस कदम उठाने का आग्रह करने का संकल्प भी लिया।

संघ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका
आयोजन को सफल बनाने में नाहरगढ़ उत्थान संघ के अध्यक्ष अनिल डागर सहित संघ के कई पदाधिकारियों और सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मनजीत शौखन्दा, साहब सिंह डागर, जगत शौखन्दा, अशोक गोदारा, साहिल डागर, धर्मेंद्र स्वामी, डॉ. सुन्दर सिंह परिहार, सुनील टोकस, सोमदत जाखड़ और युवा सदस्य मोहित यादव समेत अनेक कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में जुटे रहे। मंच संचालन की जिम्मेदारी डॉ. सुन्दर सिंह परिहार ने निभाई।
राष्ट्रभक्ति के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन शहीदों को नमन और राष्ट्रभक्ति के भावों के साथ किया गया। इस अवसर पर बिजेन्दर डबास, प्रताप पंडित, अशोक पंडित, ओमवीर दहिया, राजेश सोलंकी और सतपाल मलिक सहित कई गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे। पूरे आयोजन ने न केवल इतिहास के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी, बल्कि क्षेत्र में सांस्कृतिक चेतना और देशप्रेम की भावना को भी मजबूत किया।


More Stories
संस्कृत और देवनागरी के प्रचार में उत्कृष्ट योगदान पर प्रो. डॉ. मूल चन्द सम्मानित
महान गौ-भक्त और दानवीर बांके पहलवान जी ने फिर जीता लोगों का दिल
टाटा मुंबई मैराथन 2026: 35 हजार धावकों की ऐतिहासिक भागीदारी
नजफगढ़ वार्ड में वर्षों से बंजर भूमि बनी हरियाली और स्वास्थ्य का केंद्र
बुराड़ी में ऑटो लिफ्टर गिरोह का भंडाफोड़, तीन नाबालिग समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पंजाबी बाग में मानव उत्थान सेवा समिति का स्वच्छता अभियान