नई दिल्ली/द्वारका/उमा सक्सेना/- द्वारका जिले के बिंदापुर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शराब सप्लायर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हरियाणा में बिक्री के लिए ले जाई जा रही 22 पेटी (1100 क्वार्टर) उच्च गुणवत्ता की अवैध शराब बरामद की है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही पोलो कार को भी जब्त कर लिया गया है। इस कार्रवाई को स्थानीय पुलिस की सतर्कता और प्रभावी रणनीति का नतीजा बताया जा रहा है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई, पोलो कार से पकड़ी गई शराब
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 को तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र के जरिए सूचना मिली कि एक पोलो कार अवैध शराब लेकर क्षेत्र से गुजरने वाली है। इसके बाद बिंदापुर थाना पुलिस की टीम ने DPS स्कूल के पास, वर्धमान मॉल इलाके में नाकेबंदी की। संदिग्ध पोलो कार को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए वाहन को घेरकर चालक को पकड़ लिया।
आरोपी की पहचान और बरामदगी
पकड़े गए आरोपी की पहचान नरेंद्र पुत्र नफे सिंह, उम्र 26 वर्ष, निवासी झरोदा कलां, दिल्ली के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान कार से 22 कार्टून में भरी 1100 क्वार्टर अवैध शराब बरामद की गई। पुलिस ने मौके पर ही शराब और परिवहन में प्रयुक्त पोलो कार को जब्त कर लिया। इस संबंध में बिंदापुर थाने में दिल्ली आबकारी अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
संगठित टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम
इस पूरी कार्रवाई को थाना बिंदापुर की विशेष टीम ने अंजाम दिया, जिसमें हेड कांस्टेबल जय भगवान, हेड कांस्टेबल नीरज, हेड कांस्टेबल संजीव, कांस्टेबल लखन और कांस्टेबल सुधीर शामिल थे। टीम ने इंस्पेक्टर नरेश सांगवान (एसएचओ, बिंदापुर) के नेतृत्व और एसीपी दबरी राजकुमार के समग्र पर्यवेक्षण में यह सफलता हासिल की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए थे।
पूछताछ में हुआ खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह आठवीं पास है और पेशे से ड्राइवर है। शराब की लत के चलते वह पहले भी कई बार आबकारी मामलों में जेल जा चुका है। आरोपी ने खुलासा किया कि उसने एक पुरानी पोलो कार खरीदी थी, जिसका इस्तेमाल वह दिल्ली और आसपास के इलाकों में अवैध शराब सप्लाई के लिए करता था। उसने बताया कि शराब उसे हरियाणा के बहादुरगढ़ इलाके से एक टेंपो चालक के जरिए मिलती थी।
पहले भी दर्ज हैं कई मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी नरेंद्र के खिलाफ पहले भी दिल्ली के अलग-अलग थानों में आबकारी अधिनियम के तहत चार मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद वह अवैध शराब के धंधे में सक्रिय था। पुलिस अब उसके सप्लाई नेटवर्क और शराब के स्रोत की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और अवैध शराब की पूरी सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए आगे की जांच जारी है। द्वारका जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब तस्करी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।


More Stories
झज्जर में होली को लेकर सख्ती, पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने दी शुभकामनाएं
गोल्ड-सिल्वर मार्केट में उथल-पुथल, 3 मार्च के ताजा दाम जारी
HARYANA NEWS: प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह, आपसी रंजिश में युवक की जान गई
“नो गन, नो गैंग”, द्वारका एएटीएस ने गैंग सहयोगी को अवैध हथियारों सहित दबोचा
शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, तीन चोरी की स्कूटी बरामद
तेहरान पर टेक्नोलॉजी की नजर! हर मूवमेंट पर रखी जा रही थी निगाह!