पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर जनता का तेल निकाल रही सरकार-हुड्डा

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पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर जनता का तेल निकाल रही सरकार-हुड्डा

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/चंडीगढ़/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 19 दिनों से लगातार बढ़ रहे तेल के दामों का विरोध करते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर सरकार जनता का तेल निकालने में जुटी है। जबकि विश्व मार्केट में तेल के दाम शुन्य है फिर भी सरकार लगातार दाम बढ़ा रही है।
उन्होने कहा कि सरकार की तेल नीति के कारण बढ़ते दाम सबसे ज्यादा आम आदमी और किसान पर भारी पड़ रहे हैं। क्योंकि, खेती का ज्यादातर काम डीजल पर निर्भर है। सिंचाई से लेकर ट्रांसपोर्ट तक में सबसे ज्यादा डीजल इस्तेमाल होता है। लेकिन, मौजूदा सरकार ने डीजल को पेट्रोल से भी महंगा कर दिया है। तेल के दामों का सीधा कनेक्शन महंगाई से है। अगर तेल के दाम बढ़ेंगे तो ट्रांसपोर्ट किराया, परिवहन, आवागमन, व्हीकल चलाना और उत्पादन महंगा हो जाएगा। इसके चलते हर चीज के दाम बढ़ेंगे। सरकार तेल के दाम बढ़ाकर जनता का तेल निकालने में लगी है। महामारी और मंदी के दौर में सरकार लोगों को राहत देने की बजाए महंगाई की मार मारने में लगी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों से कई गुना टैक्स वसूल रही है और कर्ज भी कई गुना ले चुकी है। बावजूद इसके गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, दुकानदार या कारोबारी, किसी वर्ग को कोई आर्थिक राहत नहीं दी जा रही है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि महज 19 दिन में पेट्रोल के दाम 8.66 रुपये और डीजल के दाम 10.62 रुपये बढ़ चुके हैं। इससे पहले केंद्र सरकार ने 5 मई को पेट्रोल पर 10 रुपये और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों को कम करके अगस्त 2004 के स्तर पर लाया जाना चाहिए। क्योंकि 2004 की तरह आज भी कच्चे तेल की कीमत 40 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। अगस्त 2004 में पेट्रोल 36.81, डीजल 24.16 रुपये प्रति लीटर और एलपीजी सिलेंडर 261.60 रुपये का था। लेकिन आज पेट्रोल-डीजल करीब 80 रुपये और सिलेंडर करीब 600 रुपये में बेचा जा रहा है। कांग्रेस कार्यकाल में इतना रेट तब भी नहीं था, जब मई 2014 में कच्चे तेल की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल थी। तब भी पेट्रोल 71 रुपये और डीजल 55 रुपये प्रति लीटर था। लेकिन आज अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आधी से भी कम हो चुकी हैं, बावजूद इसके देश में तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। हुड्डा ने तेल की बढ़ी हुई मनमानी दरों का पुरजोर विरोध करते हुए मांग की कि प्रदेश सरकार द्वारा किया गया दुगुना वैट और केंद्र सरकार द्वारा थोपी गई एक्साइज ड्यूटी व टैक्स तुरंत कम किया जाए, ताकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की घटी कीमतों का सीधा फायदा आम जनता को मिल सके।

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