9 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पर्व का महत्व

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 25, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

9 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पर्व का महत्व

-भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है यह पावन त्योहार

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-   वैदिक पंचांग के अनुसार, रक्षाबंधन का शुभ पर्व इस वर्ष 9 अगस्त 2025 को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दिन सावन पूर्णिमा की तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे शुरू होकर 9 अगस्त को दोपहर 1:24 बजे तक रहेगी। राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त 9 अगस्त को सुबह 5:47 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा। बहनें इस मुहूर्त में अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, सफलता और सुख-समृद्धि की कामना करेंगी।

रक्षाबंधन का महत्व
रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को मजबूत करने वाला त्योहार है। इस दिन बहन अपने भाई की आरती उतारकर, तिलक लगाकर और राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र की प्रार्थना करती है, वहीं भाई जीवनभर बहन की रक्षा का वचन देता है। यह पर्व केवल पारिवारिक प्रेम का प्रतीक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भावनात्मक बंधन को भी प्रोत्साहित करता है।

पूजा विधि
रक्षाबंधन के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त (4:22 से 5:04 बजे तक) में उठकर स्नान करें और घर व पूजा स्थल की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। गंगाजल छिड़ककर वातावरण को पवित्र करें। फिर एक साफ चौकी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। देसी घी का दीपक जलाएं, मंत्रों का जाप करें और फल, मिठाई व केले का भोग अर्पित करें। इसके बाद बहन भाई को तिलक लगाए, आरती करे और राखी बांधें। भाई बहन को उपहार देकर अपने प्रेम और कर्तव्य का परिचय देता है।

शुभ मुहूर्त और ज्योतिषीय जानकारी

सूर्योदय: सुबह 5:47 बजे

सूर्यास्त: शाम 7:06 बजे

चंद्रोदय: शाम 7:21 बजे

विजय मुहूर्त: दोपहर 2:40 से 3:33 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:06 से 7:27 बजे तक

इन दोनों मुहूर्तों में भी राखी बांधना और पूजा करना शुभ माना जाता है।

रक्षाबंधन के दिन रखें इन बातों का ध्यान

इस दिन भाई-बहन को आपसी मतभेदों से दूर रहना चाहिए और पॉजिटिव सोच के साथ दिन बिताना चाहिए।

घर व मंदिर की साफ-सफाई अवश्य करें।

काले रंग के उपहार देने से बचें, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है।

किसी के प्रति नकारात्मक भावना या कटुता न रखें।

रक्षाबंधन न केवल रक्षा और प्रेम का पर्व है, बल्कि यह रिश्तों में विश्वास, सम्मान और सामंजस्य की भावना को भी प्रबल करता है। यह दिन हर भारतीय परिवार के लिए एक भावनात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर अवसर होता है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox