मानसी शर्मा /- वक्फ बोर्ड बिल को लेकर बनी जेपीसी की बैठक में चर्चा कम हंगामा ज्यादा हो रहा है। बैठक को बीच में छोड़कर विपक्षी दलों ने वॉकआउट करने की परंपरा बना ली है। जेपीसी की बैठक में हंगामा सोमवार यानी 28 अक्टूबर को भी हुआ। जिसके बाद विपक्षी दलों के कई सदस्यों ने वॉकआउट करने का फैसला किया। इसके अलावा, विपक्ष के सदस्यों ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के सीईओ की रिपोर्ट पर आपत्ति भी जताई है।
विपक्षियों ने क्यों किया वॉकआउट?
सोमवार यानी 28 अक्टूबर की जेपीसी की बैठक के दौरान आप सांसद संजय सिंह, डीएमके के मोहम्मद अब्दुल्ला, कांग्रेस के नसीर हुसैन और मोहम्मद जावेद ने वॉकआउट किया। वॉकआउट करने वालों सदस्यों का कहना है कि दिल्ली वक्फ बोर्ड के प्रशासक ने दिल्ली सरकार की जानकारी के बिना प्रेजेंटेशन में बदलाव किए हैं। बता दें कि बैठक की अध्यक्षता भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल कर रहे थे। सोमवार की बैठक में दिल्ली वक्फ बोर्ड, हरियाणा वक्फ बोर्ड , पंजाब वक्फ बोर्ड और उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधियों को बुलाया गया था।
पिछली बैठक में टूटा था गिलास
यह पहला मौका नहीं नहीं जब विपक्षी नेताओं ने जेपीसी की बैठक का वॉकआउट किया है। इससे पहले 22 अक्टूबर को जेपीसी की पिछली बैठक हुई थी। बैठक के दौरान भाजपा सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के बीच गरमागरम बहस हो गई थी। बैठक के बीच कल्याण बनर्जी ने कथित तौर पर गुस्से में कांच की बोतल फेंक दी थी। बोतल फेंकने की वजह से उनके हाथ में चोट आई थी। जानकारी के अनुसार, उनके हाथों में चार टांके लगे। इसके बाद कल्याण बनर्जी को एक दिन के लिए बैठक से निष्कासित कर दिया गया था।


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