बिहार/नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू नेता अशोक चौधरी के सोशल मीडिया पर किए गए एक विवादास्पद पोस्ट के बाद हलचल मच गई है। मंगलवार को उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की, जो डेढ़ घंटे तक चली। हालांकि, सीएम हाउस से निकलने के बाद अशोक चौधरी ने मीडिया से बातचीत नहीं की। मुलाकात के बाद उन्होंने नीतीश कुमार के साथ अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, “कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना..”
विवाद का कारण
अशोक चौधरी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कविता की तर्ज पर लिखा था कि “बढ़ती उम्र में इन्हें छोड़ दीजिए। एक-दो बार समझाने से यदि कोई नहीं समझ रहा है तो सामने वाले को समझाना ‘छोड़ दीजिए’।” यह टिप्पणी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बढ़ती उम्र की ओर इशारा करते हुए मानी गई, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस पर आपत्ति जताई, stating that नीतीश कुमार को किसी के सुझाव की आवश्यकता नहीं है। इस स्थिति ने चौधरी की सीएम से मुलाकात को और महत्व दे दिया।
पार्टी में पहले भी विवाद
यह पहली बार नहीं है जब अशोक चौधरी ने विवादास्पद बयान दिया है। हाल ही के लोकसभा चुनावों में जहानाबाद सीट पर पार्टी की हार के लिए उन्होंने भूमिहारों को दोषी ठहराया था। उनके इस बयान पर भाजपा और विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी, जबकि जेडीयू ने इसे चौधरी की व्यक्तिगत राय बताया। उन्होंने कहा था, “मैं भूमिहारों को अच्छी तरह जानता हूं। जब लोकसभा चुनाव हुए, तो इन लोगों ने नीतीश कुमार को छोड़ दिया।”
निष्कर्ष
अशोक चौधरी का यह विवादास्पद बयान और सीएम नीतीश कुमार के साथ उनकी मुलाकात बिहार की राजनीति में एक नई चर्चा का विषय बन गया है। इस घटनाक्रम ने जेडीयू के भीतर आंतरिक मतभेदों को भी उजागर किया है और राजनीतिक परिदृश्य में एक नया मोड़ ला दिया है


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