केदार से कैलाश तक” पुस्तक का लोकार्पण: पाठक को यात्रा का अनुभव प्रदान करती है – एन के वर्मा

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August 24, 2026

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केदार से कैलाश तक” पुस्तक का लोकार्पण: पाठक को यात्रा का अनुभव प्रदान करती है – एन के वर्मा

नई दिल्ली/-  डायमंड बुक्स द्वारा प्रकाशित “केदार से कैलाश तक, आरंभ” पुस्तक का लोकार्पण यहां आयोजित एक कार्यक्रम में किया गया। पुस्तक का लोकार्पण डायमंड बुक्स के चेयरमैन नरेन्द्र कुमार वर्मा , लेखक दीपक, वरिष्ठ पत्रकार अमित कुमार, सुरेखा तिवारी, अर्चना और प्रदीप कुमार और मास्टर मानसी ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर श्री वर्मा ने लेखक को इतनी बेहतरीन किताब लिखने के लिए बधाई देते हुए कहा कि पाठक “केदार से कैलाश तक ” को पढ़ते हुए केदार की यात्रा पर जाते हैं। जो इस किताब की सबसे बड़ी खासियत है।

उन्होंने कहा कि किताब लिखना बड़ी बात नहीं है। बड़ी बात है पाठक को शब्दों के रास्ते जिस मंजिल पर लेखक लेकर जाना चाहत है वो उसे (पाठक) को पहुंचा दे। दीपक जी की लेखनी यह काम करती है। मैं दीपक जी को बधाई देता हूं और उम्मीद कर हूं कि उनकी लेखनी से और बेहतरीन किताब पाठकों को पढ़ने को मिलेंगी।

लेखक ने किताब लिखने का उद्देश्य और इसके रचना कर्म पर विस्तार से चर्चा की। अमित कुमार ने कहा कि लेखक ने किताब के माध्यम से ज्योतिर्लिंगों के बारे में जो जानकारी दी है वह रोमांचित करने वाला है। इस किताब को पढ़ते हुए महसूस होता है कि दीपक जी ने बहुत शोध के बात किताब लिखी है। मेरा तो मानना है कि जो लोग कैलाश की यात्रा पर जाना चाहते हैं उन्हें यह किताब एक बार जरूर पढ़नी चाहिए। बहुत सी जानकारी इस किताब से मिलेंगी।

दीपक कहते हैं कि पूरे भारतवर्ष, हिन्दू धर्म और भारत की संस्कृति में शिव का स्थान अद्वितीय है और उनकी विस्तृत पूजा-अर्चना की जाती है। यह पुस्तक, युवा पीढ़ी को भगवान शिव के धामों, विशेषकर ज्योतिर्लिंग से परिचित कराने का मेरा प्रयास है, जिसे एक दशक से अधिक समय की यात्रा में पूरा किया गया है। दोस्ती और प्यार के रूप में, यह पुस्तक आपको ज्योतिर्लिंगों और शिव के अन्य महत्वपूर्ण धामों तक ले जाएगी।

उन्होंने कहा कि भारत भौगोलिक रूप से विशाल और आध्यात्मिक रूप से अनंत है और मैं,  महसूस करता हूँ कि भारत का गौरवशाली अतीत और संस्कृति को देखने, जानने और समझने के लिए एक जीवन पर्याप्त नहीं है। भारत में मंदिर, अधिकांश लोगों के लिए, जिसमे मैं भी सम्मिलित हूँ, शक्ति, प्रेरणा और जादुई परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण स्रोत थे, हैं और रहेंगे।

उन्होंने कहा कि मैं एक शौकीन यात्री हूँ और मुझे इस महान देश भारत के इतिहास, संस्कृति और अतीत की खोज में गहरी दिलचस्पी है। पिछले तीन दशकों में, मैंने ज्योतिर्लिंगों, धामों, शक्तिपीठों, हिंदू तीर्थों और विभिन्न धर्मों के अनगिनत धार्मिक महत्व के स्थलों के दर्शन किये हैं। उम्मीद करता हूं कि यह किताब पाठकों को उनकी आध्यात्मिक यात्रा को बढ़ाने में मदद करेगी।

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