नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली एनसीआर में वाहन चोरी के अपराधों का र्प्याय बन चुका पाजी गैंग सरगना गुरबख्स सिंह उर्फ रिंकू को दिल्ली क्राईम ब्रांच ने एक बड़े ऑपरेशन के बाद पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी 50 से अधिक मामलों में शामिल रहा बताया जा रहा है। आरोपी पिछले काफी समय से 7 मामलों में फरार चल रहा था और थाना तिलक नगर के 03 ऑटो लिफ्टिंग मामलों में वांछित था। फिलहाल गुरबख्स सिंह उर्फ रिंकू उर्फ घोड़ा उम्र 40 साल, राजस्थान के अलवर से अपना गैंग चला रहा था। क्राईम ब्रांच टीम की इस कामयाबी से पुलिस को कई अन्य मामलों का भी खुलासा होने की उम्मीद है। इस संबंध में जानकारी देते हुए क्राइम ब्रांच दिल्ली के उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि दिल्ली/एनसीआर क्षेत्र में अपराध और ऑटो चोरी की आपराधिक गतिविधियों में आतंक र्प्याय बन चुके पाजी गैंग पर अंकुश लगाने के लिए, अपराध शाखा को वांछित अपराधियों, पर नज़र रखने का काम सौंपा गया था। एसआई अगम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक वांछित अपराधी गुरबख्श सिंह उर्फ रिंकू अलवर, राजस्थान में मौजूद है।
गुप्त सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए क्राईम ब्रांच दिल्ली के एसीपी नरेश कुमार के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार के नेतृत्व में एसआई सचिन और अगम, एएसआई नरेंद्र और सुरेंद्र, एचसी मिंटू, विनोद, पप्पू, धर्मराज और श्याम सुंदर और सीटी धीरज की एक समर्पित टीम बनाई गई। अपराधी को पकड़ने के लिए टीम मुखबिर के साथ राजस्थान के अलवर पहुंची और जाल बिछाया। जब टीम आरोपी के सामने पंहुची तो पुलिस को देखकर आरोपी भागने की कोशिश करने लगा लेकिन सतर्क टीम ने उसका पीछा कर उसे दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान, आरोपी ने खुलासा किया कि वह तिलक नगर के ऑटो चोरी के 3 मामलों में वांछित है और 2021 से विभिन्न पुलिस स्टेशनों के अन्य 07 मामलों में फरार चल रहा है। उसने बताया कि तिलकनगर से एक फॉर्च्यूनर, चांद नगर तिलकनगर से एक क्रेटा कार व तिलकनगर से एक क्रेटा कार चुराई थी। इन तीनों मामलों में वह वांछित है। उसने अपना पता भी चंदर विहार दिल्ली से बदलकर अलवर कर लिया था ताकि वह गिरफ्तारी से बच सके।
पुलिस ने बताया कि आरोपी गुरबख्श सिंह उर्फ रिंकू उर्फ घोड़ा 5वीं कक्षा तक पढ़ा है। 2006 में, वह एक ऑटो लिफ्टर के संपर्क में आया और फिर उसने कनॉट पैलेस से एक कार चुरा ली और उसके बाद उसने ऑटो चोरी को अपना व्यवसाय बना लिया। उसने अपना गिरोह बनाया और लकी, रिंकू, प्रकाश और अन्य नाम से गिरोह के सदस्यों को भर्ती किया और अपने गिरोह को नाम भी दिया यानी पाजी गैंग। आरोपी गुरबख्श का मुख्य उद्देश्य महंगी कारें चुराकर पैसा कमाना है। वह यूपी के बदायूँ में कार बेचता था। वह पहले ऑटो चोरी और आर्म्स एक्ट के 50 से अधिक मामलों में शामिल रहा है और अदालत में ऐसे मामलों की सुनवाई का सामना करने से भी बच रहा है। पुलिस रिंकू के दूसरे साथियों की तलाश में जुट गई हैं।


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