’छत्तीसगढ़ में शहीद हुए 76 सीआरपीएफ जवानों को बवाना कैम्पस में किये श्रद्धासुमन अर्पित’

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August 18, 2026

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’छत्तीसगढ़ में शहीद हुए 76 सीआरपीएफ जवानों को बवाना कैम्पस में किये श्रद्धासुमन अर्पित’

-कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस मार्टियरस वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में जवानों व ग्रामीणों ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- ताड़मेटला छत्तीसगढ़ में 6 अप्रैल 2010 को नक्सली हमले में देश के लिए शहीद हुए 76 सीआरपीएफ जवानों को 55वी बटालियन सीआरपीएफ कैंपस बवाना दिल्ली में भावभीनी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस मार्टियरस वेलफेयर एसोसिएशन महासचिव रणबीर सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि इतना बड़ा विभत्स व कायरतापूर्ण नक्सली हमला शाय़द देश के इतिहास पहले कभी नहीं हुआ जब जवानों के ताबूतों के लिए तिरंगे झंडे कम पड़ गए थे। हम इन्हीं वीर योद्धाओं के बच्चों विधवाओं के बेहतर शिक्षा स्वास्थ्य कल्याण एवं पुनर्वास के लिए पिछले 9 सालों से अर्द्धसैनिक झंडा दिवस कोष को स्थापना के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से बराबर गुहार लगा रहे हैं जिनके क्षत-विक्षत शव तिरंगे में लिपटे आखिरी सफर तय किए जिन्होंने अपने घर परिवार बीवी बच्चों की परवाह किए बगैर राष्ट्र के लिए सुप्रीम शहादत दी। माननीय गृह राज्यमंत्री द्वारा संसद में दिए गए बयान जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार का इस तरह से अर्ध सेना झंडा दिवस कोष स्थापित करने का कोई इरादा नहीं। माननीय मंत्री जी द्वारा दिए गए गैरजिम्मेदाराना बयान का 20 लाख पैरामिलिट्री परिवारों में निराशा का माहौल जिसका हम घोर विरोध करते हैं। सरकारें बताएं कि आज़ शहीद परिवार किन हालातों में जीवन बसर कर रहे हैं।

पूर्व एडीजी सीआरपीएफ श्री एचआर सिंह द्वारा जवानों का पिछले विधानसभा व अब संसदीय आम चुनावों की वजह से समय पर छुट्टी जाने का प्रोग्राम गड़बड़ा गया है और गृह मंत्रालय का 100 दिनों की छुट्टी का दावा बेमानी हो गया। श्री सिंह ने माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 11 जनवरी 2021 को सुनाए गए ऐतिहासिक पैरामिलिट्री पुरानी पैंशन बहाली आदेश को लटकाए जाने पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पैरामिलिट्री जवान जो आए दिन शहीद होते रहते हैं क्या उनको हक नहीं कि बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए अर्ध सैनिक स्कूल, अर्धसैनिक कल्याण बोर्डों व अर्धसैनिक झंडा दिवस कोष की स्थापना हेतु गृह मंत्रालय जरुरी कदम उठाए।

पूर्व एडीजी श्री एचआर सिंह, श्री यादवेन्द्र सिंह कमांडेंट, अमरेश कुमार कमांडेंट के अलावा विभिन्न बटालियन के सिनियर आफिसर्स सिपाहियों, हवलदारों के अलावा पूर्व अर्ध सैनिकों द्वारा नम आंखों से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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