जाब में रजिस्ट्री होगी आसान..मान सरकार देगी बड़ा तोहफ़ा

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February 14, 2026

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जाब में रजिस्ट्री होगी आसान..मान सरकार देगी बड़ा तोहफ़ा

मानसी शर्मा / –  पंजाब की जनता को भगवंत मान सरकार (Bhagwant Mann Sarkar) जल्द बड़ा तोहफा देने जा रही है। आपको बता दें कि सीएम मान सरकार पंजाब में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन (Property Registration) की प्रक्रिया को आसान बनाने में जुट गई है। इसी क्रम में बताया जा रहा है कि पंजाब सरकार (Punjab Government) ने इस संबंध में एक योजना पर काम करना शुरू कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अब पासपोर्ट की तर्ज पर रजिस्ट्रियां होंगी। जिस तरह लोग पासपोर्ट बनवाने के लिए पहले ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लेते हैं और बाद में एक ही छत के नीचे अलग-अलग काउंटरों पर फोटो खिंचवाते हैं, दस्तावेज चेक करवाते हैं और फीस जमा करते हैं, ठीक वैसे ही अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री की भी प्रक्रिया होगी। सूत्रों के मुताबिक यह भी पता चला है कि यह पायलट प्रोजेक्ट मोहाली और बठिंडा में शुरू किया जाएगा।

मौजूदा समय दौरान ऐसे होती है रजिस्ट्री

मौजूदा समय में रजिस्ट्री के लिए विक्रेता और खरीदार डीड राइटर के पास जाते हैं। वह जायदाद के कागजात जैसे जमीन का खसरा नंबर, सौदे की शर्तें, गवाहों की जानकारी, संबंधित क्षेत्र का कलेक्टर रेट, जमीन के खरीदार और विक्रेता की जानकारी सहित अन्य बिंदुओं को दर्ज करता है। उनकी जांच के बाद वे देखते हैं कि प्रॉपर्टी डील के हिसाब से फीस कितनी फीस बनती है। आइए जानते हैं अभी क्या है प्रक्रिया

लोग रजिस्ट्री कराने के लिए डीड राइटर से अपॉइंटमेंट लेते हैं। फिर इसके साथ ही स्टांप पेपर ऑनलाइन खरीदते हैं। सभी प्रकार की सरकारी फीस जमा करते हैं।
अप्वाइंटमेंट के अनुसार लोग डीड राइटर के साथ पटवारखाने जाते हैं।
नंबरदार तहसीलदार के पास जाने से पहले सभी दस्तावेजों का तस्दीक करता है।
तहसीलदार के सामने विक्रेता और खरीदार पहुंचते हैं। दोनों पक्ष की फोटो खींचने के बाद दस्तावेज पर अपने साइन करते हैं।
तहसीलदार की मुहर लगते ही रजिस्ट्री हो जाती है।
अंत में, एक हस्तांतरण होता है, जो राजस्व रिकॉर्ड में संपत्ति को नए मालिक के नाम पर दर्ज कर देता है।

नए सिस्टम से कम होगा भ्रष्टाचार
रजिस्ट्री के लिए लाई जा रही इस नई व्यवस्था में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने के बाद एक ही छत के नीचे अलग-अलग काउंटरों से गुजरते हुए रजिस्ट्री हो जाएगी। इससे पूरी प्रक्रिया आसान हो जाएगी। प्रत्येक कार्य के लिए समय सीमा तय करने और शुल्क ऑनलाइन जमा करने पर विचार किया जा रहा है। इससे समय भी कम लगेगा और भ्रष्टाचार भी लगाम लग सकेगी।

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