देश में रह रहे अवैध प्रवासियों का आंकड़ा जुटाना असंभव- केंद्र

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 14, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

देश में रह रहे अवैध प्रवासियों का आंकड़ा जुटाना असंभव- केंद्र

-अवैध प्रवासियों पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे अवैध प्रवासियों के आंकड़े जुटाना संभव नहीं है क्योंकि अवैध प्रवासी गुप्त तरीके से देश में दाखिल होते हैं। सुप्रीम कोर्ट नागरिकता कानून की धारा 6ए की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई कर रहा है। इसी सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने हलफनामा देकर ये बात बताई। नागरिकता कानून असम में अवैध प्रवासियों से संबंधित है।  

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे अवैध प्रवासियों के आंकड़े जुटाना संभव नहीं है क्योंकि अवैध प्रवासी गुप्त तरीके से देश में दाखिल होते हैं। सुप्रीम कोर्ट नागरिकता कानून की धारा 6ए की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई कर रहा है। इसी सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने हलफनामा देकर ये बात बताई। नागरिकता कानून असम में अवैध प्रवासियों से संबंधित है।

अवैध प्रवासियों का आंकड़ा जुटाना असंभव
केंद्र ने कोर्ट को बताया कि विदेशी ट्रिब्यूनल के आदेशों के तहत साल 1966-1971 के बीच 32,381 लोगों की बतौर विदेशी पहचान की गई है। केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि 17,861 लोगों को इस प्रावधान के तहत नागरिकता दी गई है। कोर्ट ने सवाल किया कि भारत में तकरीबन कितने अवैध प्रवासी आ रहे हैं।

इस पर केंद्र सरकार ने अवैध प्रवासी बिना किसी वैध दस्तावेज के गुप्त तरीके से देश में दाखिल होते हैं। अवैध प्रवासियों का पता लगाना, उन्हें हिरासत में लेना और उन्हें उनके देश भेजना एक जटिल प्रक्रिया है। ऐसे में देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे अवैध प्रवासियों के आंकड़ा जुटाना संभव नहीं है। केंद्र सरकार ने बताया कि साल 2017 से 2022 के बीच 14,346 विदेशियों को उनके देश वापस भेजा गया। सरकार ने बताया कि फिलहाल असम में 100 विदेशी ट्रिब्युनल काम कर रहे हैं और 31 अक्तूबर 2023 तक 3.34 लाख मामले निस्तारित किए गए हैं लेकिन अभी भी 97,714 मामले लंबित हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox