गुलाम नबी आजाद ने उपराज्यपाल बनने से किया इंकार

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 21, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

गुलाम नबी आजाद ने उपराज्यपाल बनने से किया इंकार

-पूर्व मुख्यमंत्री बोले- अभी लोगों की सेवा करना चाहता हूं

श्रीनगर/शिव कुमार यादव/- जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने उपराज्यपाल बनाने से इंकार कर दिया है। उन्होने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। वह यहां रोजगार करने नहीं बल्कि लोगों की सेवा करने आए हैं। पूर्व कांग्रेस नेता ने डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के स्थापना दिवस पर आयोजित रैली में अफवाहों को नकारते हुए ये बातें कहीं। साथ ही उन्होंने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की।
           आजाद ने कहा कि कुछ लोग यह अफवाहें फैला रहे कि वह पुनर्वास की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं 2005 में मुख्यमंत्री बना था, तो लोगों की सेवा करने के लिए दो केंद्रीय मंत्रालय-आवास और शहरी विकास और संसदीय कार्य छोड़ दिए थे। ऐसा नहीं था कि मेरे पास कोई काम नहीं था। उन्होने कहा कि बेरोजगारी और मुद्रास्फीति जम्मू-कश्मीर की दो मुख्य समस्याएं हैं, जिनका समाधान वह क्षेत्र की पर्यटन क्षमता का दोहन करके करना चाहते हैं। महंगाई बढ़ रही है। यह सच है कि मुद्रास्फीति केवल भारत के लिए नहीं है। यूरोप में मुद्रास्फीति सबसे अधिक है, लेकिन उनके पास इससे निपटने के अन्य साधन भी हैं। हम एक गरीब राज्य से हैं।
           सरकार पदों के विज्ञापन निकाल रही है, लेकिन साक्षात्कार नहीं हो रहे हैं। शिक्षित युवाओं के पास कोई नौकरी नहीं है। अभिभावकों ने बच्चों की शिक्षा पर अपनी बचत खर्च कर दी है। पर्यटन में समाज के सभी वर्गों को आजीविका प्रदान करने की क्षमता है। 2007 में स्थापित ट्यूलिप गार्डन ने हजारों लोगों को आजीविका प्रदान की है। मेरी योजना जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक जिले में 10 से 12 पर्यटन स्थल विकसित करने की थी। मेरी लोगों को होमस्टे सुविधाएं स्थापित करने के लिए ऋण उपलब्ध कराने की योजना थी, जिससे उन्हें कमाई के अवसर मिल सकें।

अनुच्छेद 370, 35ए निरस्त करना थी एक बड़ी गलती
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 में केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त करना एक बड़ी गलती थी। कई वर्षों में कुछ राजनीतिक गलतियां हुईं, जिन्होंने राज्य को आगे बढ़ने के बजाय पीछे धकेल दिया। अनुच्छेद 35ए, बाद में अनुच्छेद 35बी, स्वतंत्रता के बाद प्रख्यापित नहीं किया गया था। इसे 1925 में महाराजा हरि सिंह द्वारा लाया गया था। मैंने संसद में यह कहा था कि अगर भाजपा को पता होता कि वे अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को नहीं छूते। इस गलती ने हमें और पीछे धकेल दिया। इस बात को लेकर अनिश्चितता थी कि जमीन हमारे पास रहेगी या नहीं।
नशे का कारोबार करने वालों को मिले मौत की सजा
           आजाद ने पार्टी नेताओं से विरोधियों पर निजी हमले नहीं करने को कहा। उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी कहा है कि हमारे साथ राजनीतिक धोखाधड़ी हुई है, लेकिन मुझे किसी की शक्ल पर टिप्पणी क्यों करनी चाहिए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में ड्रग माफिया चलाने में शामिल लोगों के लिए मौत की सजा की मांग की। आजाद ने कहा कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग एक बड़ी समस्या बन गई है। नशे का कारोबार करके कई लोग करोड़पति बन गए हैं। उन्हें मौत की सजा दी जानी चाहिए।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox