गीतिका सुसाइड केस में मुख्य आरोपी गोपाल कांडा बरी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 17, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

गीतिका सुसाइड केस में मुख्य आरोपी गोपाल कांडा बरी

-एयर होस्टेस आत्महत्या मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, हाईकोर्ट में अपील करेगा अभियोजन पक्ष

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली की रॉउज एवन्यू कोर्ट ने मंगलवार को एयरहोस्टेस गीतिका सुसाइड मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए मामले में मुख्य आरोपी हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा व अरुण को बरी कर दिया है। अभियोजन पक्ष ने कहा कि कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। पांच अगस्त 2012 को 23 साल की गीतिका शर्मा ने दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने ही फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसमें पुलिस ने जांच के बाद गोपाल कांडा को मामले का मुख्य आरोपी बनाया था।
                 एयर होस्टेस गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल गोयल कांडा को बरी किए जाने के बाद उनका कहना है, ’मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं था, यह मामला मेरे खिलाफ बनाया गया था और आज कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है।’

                 सिरसा से हलोपा के विधायक गोपाल कांडा का विवादों से पुराना नाता रहा है। लेकिन फर्श से अर्श तक पहुंचने वाली कहावत गोपाल कांडा पर एकदम सटीक बैठती है। मौजूदा समय में कांडा हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार को अपना समर्थन दे रहे हैं। उनके भाई गोविंद कांडा भाजपा में है और ऐलनाबाद से पार्टी की टिकट पर उपचुनाव लड़ चुके हैं। गोपाल कांडा की हलोपा एनडीए गठबंधन में शामिल है।

एयरलाइंस के मालिक बनने तक सफर
हरियाणा की राजनीति और एक छोटे से दुकानदार से लेकर एयरलाइंस के मालिक बनने तक का गोपाल कांडा का सफर काफी अनोखा रहा है। बताया जाता है कि कांडा ने व्यापार शुरू करने के लिए चंदा तक मांगा था। मिली जानकारी के अनुसार कांडा जूते बनाने का कारोबार करते थे, जो विफल हो गया था। इसके बाद उन्होंने टीवी रिपेयरिंग और इलेक्ट्रिशियन तक का भी काम किया था।

एयरलाइंस का काम साल 2009 में बंद हो गया
लेकिन उनका जूते का कारोबार काफी आगे बढ़ा, जिसके बाद उन्होंने 1998 में गुड़गांव में प्रॉपर्टी के कारोबार में कदम रख दिया। इसी के बाद वह कई राजनीतिज्ञों के संपर्क में आए थे। जिसके बाद जीवन में आए उतार-चढ़ाव के चलते और रियल एस्टेट का कारोबार देश के कई शहरों तक फैलने के बाद कांडा ने एयरलाइंस में कदम रखा और उन्होंने गुड़गांव से एमडीएलआर एयरलाइंस की शुरुआत की। इस एयरलाइंस का नाम उन्होंने अपने पिता के नाम मुरलीधर लेखा राम पर रखा था। हालांकि एयरलाइंस का काम साल 2009 में बंद हो गया था।

राजनीतिक करियर
कांडा के राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 2009 से होती है। इस साल उन्हें इनेलो से टिकट नहीं मिला था, तो उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। वह 6 हजार से अधिक वोटों से चुनाव जीत गए थे। इस जीत ने उनकी तकदीर को बदल दिया और वह राजनीति के किंगमेकर बन गए। इसके बाद से कांडा राजनीति के एक मुख्य चेहरे बन गए। वह हरियाणा में कांग्रेस की गृह राज्य मंत्री बने थे, बाद में वह शहरी निकाय, वाणिज्य और उद्योग मंत्री भी बने।

गीतिका आत्महत्या केस
हालांकि साल 2012 में गीतिका शर्मा मामले के सामने आने के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। गीतिका उनकी एयरलाइंस में ही एयर होस्टेस थीं। जिन्होंने आत्महत्या कर ली थी। गितिका ने अपने सुसाइड नोट में कहा था कि उन्हें कांडा ने प्रताड़ित किया है, जिससे परेशान होकर वो ये कदम उठा रही हैं। इसके बाद कांडा को गिरफ्तार भी किया गया था लेकिन वह साल 2014 में ही जेल से बाहर भी आ गए। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने लोकहित पार्टी की स्थापना की। उन्होंने साल 2014 में चुनाव भी लड़ा था लेकिन वह हार गए थे

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox