नई दिल्ली/- 2015 से प्रारंभ हुए संत ईश्वर सम्मान द्वारा प्रति वर्ष ऐसे संगठनों एवं व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है, जो समाज की नजरों से दूर निस्वार्थ भाव से समाजसेवा का कार्य कर रहे हैं। इस वर्ष संत ईश्वर सम्मान अपने स्थापना वर्ष से लेकर अब तक सम्मान देने का शतक (100) पूरा करने जा रहा है। यह सम्मान प्रति वर्ष राष्ट्रीय सेवा भारती के सहयोग से दिया जाता है।
कांस्टीट्यूशन क्लब में पत्रकारों का स्वागत करते हुए संत ईश्वर सम्मान समिति की महासचिव सुश्री वृंदा ने मंचस्थ विभुतिओं का परिचय कराया।

संत ईश्वर फाउंडेशन के अध्यक्ष कपिल खन्ना ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 2015 से प्रारंभ हुए संत ईश्वर सम्मान द्वारा प्रति वर्ष ऐसे संगठनों एवं व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है, जो समाज की नजरों से दूर निस्वार्थ भाव से समाजसेवा का कार्य कर रहे हैं। यह सम्मान व्यक्तिगत एवं संस्थागत रूप में मुख्यतः चार क्षेत्र-जनजातीय , ग्रामीण विकास, महिला-बाल विकास एंव विशेष योगदान (कला, साहित्य, पर्यावरण, स्वास्थ्य और शिक्षा) में तीन श्रेणियों 1 विशेष सेवा सम्मान,4 विशिष्ट सेवा सम्मान एवं 12 सेवा सम्मान में दिया जाता है। जिसमे क्रमशः शॉल, 5 लाख राशि प्रत्येक, एवं 1 लाख राशि प्रत्येक एवं सभी विजेताओं को शॉल, ट्राफी, प्रमाण- पत्र व प्रतीक मुद्रा सहित प्रत्येक वर्ष कुल 32 लाख की धनराशि से व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाता है। विगत वर्षाे ने संस्था के द्वारा 84 व्यक्ति/संस्थाओं को सम्मानित किया गया है और इनमें से 6 व्यक्तियों/संस्थाओं को बाद में भारत सरकार ने पद्म पुरुस्कारों से भी सम्मानित किया है। इस वर्ष संत ईश्वर सम्मान अपने स्थापना वर्ष से लेकर अब तक सम्मान देने का शतक (100) पूरा करने जा रहा है। यह सम्मान प्रति वर्ष राष्ट्रीय सेवा भारती के सहयोग से दिया जाता है।
कपिल खन्ना जी ने बताया इस ऐतिहासिक सुअवसर पर रविवार 13 नवम्बर दोपहर 3 बजे विज्ञान भवन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एवं जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज सहित अनेक गणमान्य विभूतियां इस समारोह में आमंत्रित है। इस वर्ष भी यह सम्मान सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गाे हेतु जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे संगठनो एवं व्यक्तियों को दिया जा रहा है। विशेष रूप से इस समारोह में 100 ऐसी साधक विभूतियों पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण किया जायेगा जिन्होंने समाज कल्याण के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। विशेष रूप से इस समारोह में 100 ऐसी साधक विभूतियों पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण किया जाएगा जिन्होंने समाज कल्याण के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। जिसके कवर पेज का आज लोकार्पण किया गया।
कपिल खन्ना ने कहा सेवा परमो धर्म की भावना को चरितार्थ करते हुए इस सम्मान के निर्णायक मंडल एस. गुरुमूर्ति सी.ए, निर्देशक (भारतीय रिजर्व बैक), प्रमोद कोहली – से.नि. मुख्य न्यायाधीश (सिक्किम उच्च न्यायालय); सेनि. अध्यक्ष, केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) पद्मश्री जवाहर लाल कौल- वरिष्ठ पत्रकार, अध्यक्ष, जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र, पद्मश्री राम बहादुरुर राय -अध्यक्ष, इंदिरा गाँधी राष्ट्रिय कला केंद्र, श्री पन्नालाल भंसाली – अध्यक्ष, राष्ट्रीय सेवा भारती एवं श्री गुणवंत कोठरी, अखिल भारतीय कार्यकरिणी सदस्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सम्पूर्ण भारतवर्ष में अभावग्रस्त और दुरूह प्रदेशों में समाज की सेवा के कार्य करने वाले व्यक्तियों/संस्थाओं का चयन करने में अपना समय दिया। हम उनका भी साधुवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने विजेताओं को सम्मानित किया था। श्रीमती सुमित्रा महाजन, पूर्व स्पीकर लोकसभा, डॉ कृष्ण गोपाल सह सरकार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, श्री प्रह्लाद सिंह पटेल, केंद्रीय मंत्री, डॉ जीतेन्द्र सिंह, केंद्रीय मंत्री, डॉ हर्षवर्धन, पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने विगत वर्षाे में ऐसे संतो का सम्मान किया जो शांत चित्त से सामाजिक कार्याे में लगे हुए हैं।


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