-दिल्ली पुलिस के 15 जिलों के सभी साइबर थानों के अधिकारी व कर्मी लेगें ट्रेनिंग
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- देश की राजधानी में बढ़ रहे साइबर अपराध को देखते हुए दिल्ली पुलिस खुद को तकनीकी रूप से मजबूत बना रही है। कुछ ही माह पूर्व दिल्ली पुलिस ने सभी 15 जिलों में साइबर थानों की शुरुआत की थी। लेकिन अभी तक इन थानों में तैनात अधिकारी साइबर अपराध इन्वेटिगेशन में अधिक कार्यकुशल नही थे लेकिन अब पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने साइबर थानों के स्टाफ को कार्यकुशल बनाने के लिए इफ़्सो यूनिट को यह जिम्मेदारी सौंपी है। श्री अस्थाना ने कहा कि इफ़्सो यूनिट सभी अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध इन्वेस्टिंग का प्रशिक्षण देगी।
दिल्ली पुलिस साइबर अपराध को रोकने के लिए लगातार जरूरी कदम उठा रही है। हाल ही में आयोजित बैठक में पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने साइबर पुलिस थानों में आने वाली शिकायतों पर कम एफआईआर दर्ज होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सभी जिला डीसीपी को निर्देश दिए हैं कि शिकायतों को एफआईआर में बदला जाए। इससे अपराधियों के पकड़े जाने पर ज्यादा मामले सुलझेंगे और अदालत से उनके लिए बचना मुश्किल होगा। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि साइबर पुलिस स्टेशन के सभी जांच अधिकारियों को इफ़्सो (स्पेशल सेल की साइबर यूनिट) यूनिट द्वारा ट्रेनिंग देने की जरूरत है। उन्होंने बारी-बारी इन पुलिस थानों में तैनात जांच अधिकारियों को इफ़्सो यूनिट में जाकर ट्रेनिंग लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पहले से साइबर ट्रेनिंग पा चुके जांच अधिकारियों को भी रिफ्रेशर कोर्स करने की सलाह दी। इसके साथ ही उन्होंने स्पेशल सीपी एचआरडी को निर्देश दिए हैं कि वह ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करें, जिन्हें टेक्निकल जानकारी है। उन्हें साइबर पुलिस थानों में तैनात किया जाए ताकि साइबर अपराध पर लगाम लगाने में पुलिस मजबूती से काम कर सके। दिल्ली पुलिस के पूर्व डीसीपी एलएन राव ने बताया कि पुलिस कमिश्नर द्वारा उठाया गया यह कदम बेहद अहम है। आज के समय में वैसे जो नए पुलिसकर्मी भर्ती हो रहे हैं, उन्हें तकनीकी ज्ञान काफी ज्यादा होता हैं इसके साथ ही ट्रेनिंग के दौरान भी उन्हें कंप्यूटर कोर्स आदि की जानकारी दी जाती हैं। साइबर थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को इफ़्सो यूनिट द्वारा प्रशिक्षण मिलने से वह बेहतर ढंग से काम कर सकेंगे। दिल्ली पुलिस की इफ़्सो यूनिट साइबर अपराध के खिलाफ काम करने में माहिर है। इनके द्वारा जब साइबर थानों के पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण मिलेगा तो वह साइबर अपराध को सुलझाने में सक्षम बनेंगे। इससे निश्चित तौर पर आने वाले समय में साइबर अपराध में कमी देखने को मिलेगी।
पूर्व डीसीपी एलएन राव ने बताया कि साइबर अपराध रोकने में सबसे बड़ा हथियार जागरूकता बन सकता है। दिल्ली पुलिस लगातार प्रयास करती है कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करें। उन्हें इसे और बड़े स्तर पर करने की जरूरत हैं उन्हें स्कूल, कॉलेज, आरडब्लूए और एमडब्लूए आदि में जाकर साइबर अपराध के बारे में लोगों को जानकारी देनी चाहिए। लोग अगर जागरूक हो जाएंगे तो साइबर अपराधी उन्हें अपना शिकार नहीं बना सकेंगे। इस तरह साइबर अपराध अपने आप ही कम होने लगें


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